दिल्ली : निर्वाचन आयोग ने आज कहा कि उसके लिए सभी दल समान हैं और वह राजनीतिक दलों के बीच कोई भेदभाव नहीं करता। आज नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग अपने संवैधानिक कर्तव्य से पीछे नहीं हटेगा। श्री कुमार ने कहा कि कुछ लोगों ने दोहरे मतदान का आरोप लगाया है, लेकिन जब उनसे इस बात के सबूत मांगे गये तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि न तो चुनाव आयोग और न ही कोई मतदाता ऐसे झूठे आरोपों से डरता है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग बिना किसी भेदभाव के गरीब, अमीर, बुजुर्ग, महिलाओं और युवाओं सहित सभी वर्गों और सभी धर्मों के मतदाताओं के साथ निडरता से खड़ा रहेगा। श्री कुमार ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान एक करोड़ से ज़्यादा सरकारी कर्मचारी, 10 लाख से ज़्यादा बूथ-स्तरीय एजेंट और उम्मीदवारों के 20 लाख से ज़्यादा पोलिंग एजेंट इस प्रक्रिया का हिस्सा थे। उन्होंने जानना चाहा कि इतनी पारदर्शी प्रक्रिया और इतने सारे लोगों के बावजूद वोट कैसे चुराए जा सकते हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि सभी राजनीतिक दल मतदाता सूची में गलतियों को सुधारने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण- एसआईआर अभियान की शुरुआत बिहार से हुई है और मतदाता सूची का प्रारूप तैयार हो चुका है। उन्होंने आगे कहा कि सभी मतदाता और राजनीतिक दल निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रारूप मतदाता सूची में गलतियों को सुधारने में अपना योगदान दे रहे हैं। चुनाव आयुक्त ने ज़ोर देकर कहा कि जब बिहार के 7 करोड़ से ज़्यादा मतदाता निर्वाचन आयोग के साथ खड़े हैं, तो उसकी विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।