Lucknow: उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश और एक ‘ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘PRAGATI’ पोर्टल के महत्व पर चर्चा की। यह पोर्टल न केवल सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाएगा, बल्कि प्रदेश के बड़े प्रोजेक्ट्स की निगरानी और आम जन की समस्याओं के समाधान में एक मील का पत्थर साबित होगा।

प्रगति पोर्टल क्या है? :- PRAGATI का अर्थ है— ‘प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन’। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि विकास की राह में आने वाली प्रशासनिक देरी को खत्म करने के लिए इस तकनीक का सहारा लिया गया है। अक्सर देखा जाता है कि बजट होने के बावजूद विभागीय तालमेल की कमी से बड़े प्रोजेक्ट्स अटक जाते हैं। अब ‘प्रगति पोर्टल’ के जरिए मुख्यमंत्री कार्यालय सीधे इन परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही:- इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे मुख्य बिंदु था— ‘जवाबदेही’। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि अब फाइलों को बेवजह लटकाने का दौर खत्म हो गया है। पोर्टल के माध्यम से यह ट्रैक किया जा सकेगा कि कौन सी फाइल किस स्तर पर और क्यों रुकी हुई है। यदि कोई अधिकारी बिना ठोस कारण के काम रोकता है, तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और सरकारी तंत्र में ईमानदारी बढ़ेगी।
निवेश और रोजगार को बढ़ावा:- ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के मामले में उत्तर प्रदेश पहले ही लंबी छलांग लगा चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति पोर्टल विशेष रूप से उद्यमियों और निवेशकों के लिए सहायक होगा। निवेश के प्रस्तावों को जल्द मंजूरी मिलने से प्रदेश में नए उद्योग लगेंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।
आम जनता को सीधा लाभ:- यह पोर्टल सिर्फ बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य शासन को आम जनता के करीब लाना है। जन शिकायतों का निस्तारण अब एक तय समय सीमा के भीतर करना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि “तकनीक का उपयोग कर हम जनता के जीवन को आसान (Ease of Living) बना रहे हैं।”