पंचायत भवन पारा भदराही में झंडा फहराया ही नहीं गया
लेखराम मौर्य
लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्य समारोह विधानसभा में आयोजित किया गया जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झंडा रोहण कर प्रदेश को संबोधित किया इसके अलावा राजधानी में अलग-अलग विभागों में उनके मंत्रियों एवं विभागाध्यक्ष ने ध्वजारोहण किया। राजधानी के प्रशासनिक भवनों की बात की जाए तो डीजीपी कार्यालय, कलेक्ट्रेट कार्यालय, विकास भवन, पुलिस लाइन ,पुलिस कमिश्नर लखनऊ सहित सभी शिक्षण संस्थाओं, सरकारी तथा अर्ध सरकारी संस्थाओं के अलावा निजी संस्थाओं के कार्यालयों में भी समारोह पूर्वक स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। वहीं दूसरी ओर राजधानी में सबसे अधिक राष्ट्रीय ध्वज का अपमान एवं उसको फहराने और उतरने के मामले में शिक्षा विभाग के अनेकों सरकारी स्कूल देखे गए।

राष्ट्रीय ध्वज को फहराने और उतारने के साथ-साथ उसको किस तरह फहराना चाहिए और किसी प्रकार से राष्ट्रीय ध्वज का अपमान ना हो और नियमानुसार फहराने को लेकर शिक्षा विभाग को सबसे अच्छा होना चाहिए परंतु शिक्षा के केंद्र ही आज सिर्फ औपचारिकता निभा रहे हैं क्योंकि कई जगह स्कूलों में राष्ट्रीय ध्वज को टांग दिया गया और कई जगह खादी के झंडे की जगह टेरी काट का झंडा भी फहरा दिया गया। इसके साथ ही कुछ विद्यालयों में झंडे को फहराने के तुरंत बाद उतार दिया गया तथा कुछ जगह बिना डोरी के ही किसी छड़ी या बांस के सहारे टांग किया गया। प्राथमिक विद्यालय ससपन जिसमें कन्या कर्मोत्तर की कक्षाएं भी लगती हैं क्योंकि वह विद्यालय जर्जर घोषित हो चुका है। इसके बगल में ही स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में भी झंडा एक छड़ी के सहारे लटका दिया गया था और उसके नीचे फूल भी नहीं थे क्योंकि उसे फहराया नहीं गया था। आपको बता दें कि जिस प्राथमिक विद्यालय में झंडा फहराने के 1 घंटे बाद ही उतार दिया गया था यह वही विद्यालय था जहां के शिक्षक ने पिछले महीने कहा था कि खंड शिक्षा अधिकारी का आदेश है कि कोई भी बाहरी व्यक्ति उनकी अनुमति के बिना विद्यालय में प्रवेश नहीं करेगा इस बात की सच्चाई आज फिर एक बार सामने आ गई जब शायद खंड शिक्षा अधिकारी माल के आदेश पर ही झंडे को फहराने के 1 घंटे बाद ही उतार कर रख दिया गया । प्राथमिक विद्यालय पारा में भी झंडे को एक प्लास्टिक की पाइप के सहारे छत पर टांग दिया गया था और नीचे फूल डाल दिए गए थे।

इसी तरह पंचायत भवन पारा भदराही में झंडारोहण नहीं किया गया तथा यहां पंचायत भवन की छत पर एक झंडा पड़ा हुआ था।