नई दिल्ली: इजराइल की ओर से जमीनी हमले के डर से हजारों फलस्तीनी पूर्वी इलाकों से पलायन कर रहे हैं। फलस्तीनी गाजा सिटी के पूर्वी इलाकों में अपने घरों को छोड़कर तबाह हुए इलाके के पश्चिम और दक्षिण की ओर भाग रहे हैं। बेत लाहिया में फलस्तीनी आश्रय प्रबंधक अहमद महेसेन ने कहा कि हाल के दिनों में 995 परिवार इस क्षेत्र को छोड़कर दक्षिण की ओर चले गए हैं।
इजराइली सैन्य प्रमुख इयाल जमीर ने कहा है कि सेना गाजा पट्टी के सबसे बड़े शहरी केंद्र गाजा सिटी पर कब्जा करने के लिए जल्द ही नया अभियान शुरू करेगी। सेना ने चेतावनी दी है कि हमले का विस्तार करने से जीवित बंधकों को खतरा हो सकता है। वहीं, हजारों इजराइलियों ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया और लड़ाई समाप्त करने और बंधक बनाए गए शेष बंधकों को मुक्त करने के लिए समझौते का आग्रह किया।
दरअसल, गाजा सिटी, गाजा पट्टी का सबसे बड़ा शहर है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है कि ऐसा कदम पहले से तबाह इलाके के लिए और भयानक साबित हो सकता है। जमीर ने यह बयान गाजा में एक दौरे के दौरान दिया, जहाँ उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और लड़ाई के अगले चरण की रूपरेखा प्रस्तुत की।
जमीर के मुताबिक आने वाले दिनों में सेना गाजा सिटी में हमास पर और ज़्यादा हमले करेगी, जब तक कि उसकी पूरी तरह हार न हो जाए। इसके लिए जमीनी, हवाई और समुद्री सभी ताक़तों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सेना का नैतिक कर्तव्य है कि गाजा में बंदी बनाए गए लोगों को—चाहे वे ज़िंदा हों या मृत—वापस लाया जाए।
यह टिप्पणी इजराइल द्वारा गाजा शहर से निवासियों को स्थानांतरित करने की योजना की घोषणा के एक दिन बाद आई है। रक्षा मंत्रालय की संस्था कोगाट (सीओजीएटी) ने कहा है कि रविवार से नागरिकों को तंबू बांटने का काम शुरू किया जाएगा ताकि उन्हें लड़ाई वाले इलाकों से दक्षिणी गाजा की ओर ले जाया जा सके। हमास ने इस योजना की निंदा की है और इसे “नए सिरे से जनसंहार और विस्थापन” बताया है।
