राजस्थान: राजस्थान के श्रीगंगानगर की रहने वाली मनिका विश्वकर्मा ने मिस इंडिया यूनिवर्स इंडिया का प्रतिष्ठित खिताब जीतकर एक नई उपलब्धि हासिल की है। अब वह थाईलैंड में आयोजित 74वीं मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिष्ठान बढ़ाने के लिए अपना कदम रखेंगी।
मनिका विश्वकर्मा जो एनसीसी कैडेट रह चुकी हैं, इस समय दिल्ली विश्वविद्यालय में सामाजिक विज्ञान की छात्रा हैं। इससे पहले, वह विदेश मंत्रालय के बिम्सटेक सेवोकौन कार्यक्रम में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
डीडी न्यूज़ से खास बातचीत में मनिका ने बताया कि उनके लिए मिस यूनिवर्स सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि यह भारत की संस्कृति और पहचान को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का एक अवसर है। वह महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी साझा करती हैं।
मनिका ने अपनी सफलता का श्रेय सबसे पहले अपने परिवार को दिया। उन्होंने कहा, “गंगानगर से दिल्ली का सफर पूरी तरह से मेरे परिवार की वजह से संभव हुआ। वे हमेशा मेरे साथ खड़े रहे और उनका समर्थन मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं अपने परिवार की पहली सदस्य हूं, जो पढ़ाई के लिए गंगानगर से बाहर आई।”
दिल्ली से थाईलैंड तक का सफर उन्होंने अपने शिक्षकों और मेंटर्स को भी समर्पित किया। “मेरे शिक्षकों ने मुझे आत्मविश्वास दिया और एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धी माहौल में काम करने का मौका मिला। मुझे ऐसा महसूस हुआ कि हम सब एक परिवार का हिस्सा हैं,” मनिका ने कहा।
जब उनसे महिला शिक्षा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “महिला शिक्षा मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मेरी माँ ने इस क्षेत्र में एक मिसाल पेश की। वे अपने गांव की पहली महिला थीं जिन्होंने शिक्षा प्राप्त की और मेरिट में 57वां स्थान हासिल किया। वे अब शिक्षिका हैं और उन्होंने न केवल अपना जीवन बदला, बल्कि पूरे परिवार की तक़दीर बदल दी।”
मनिका ने अंत में यह भी कहा कि वह राजस्थान और भारत की संस्कृति को लेकर मिस यूनिवर्स का ताज भारत में लाने की पूरी कोशिश करेंगी।
