लखनऊ: कपीश्वर वैदिक गुरुकुल के 21 बटुकों का प्राचीन श्री लेटे हुए हनुमान जी मंदिर, लखनऊ में विधि-विधान से सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार संपन्न हुआ। इस अवसर पर गुरुकुल के प्रमुख गुरु जी डॉ विवेक तांगड़ी जी एवं सभी बटुकों के परिवारजन समेत भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

प्रत्येक परिवार ने अपने-अपने बालकों को भिक्षा देकर ब्रह्मचर्य पालन एवं वैदिक शिक्षा ग्रहण करने की अनुमति प्रदान की। गुरु जी डॉ विवेक जी ने बताया की यज्ञोपवीत संस्कार जीवन के 16 संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है तथा जीवन के चार आश्रमों में ब्रह्मचर्य आश्रम को सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इसी संस्कार से बालकों में वैदिक आचरण, अनुशासन और आध्यात्मिकता का प्रवेश होता है।
गुरुकुल के बोर्ड के सदस्य डॉ पंकज सिंह भदौरिया ने बताया कि इस अवसर पर गुरुकुल के प्रमुख वैदिक आचार्य अंकित दीक्षित द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं हवन के बीच बटुकों को संस्कारपूर्वक शिक्षा और जीवन में आचरण के आदर्शों की शिक्षा दी गई। यह आयोजन सनातन संस्कृति के संरक्षण और नव पीढ़ी को वैदिक परंपराओं से जोड़ने का एक पावन प्रयास है। इस अवसर पर समाज सेवी ऋद्धि किशोर गौड़, लवलीन खोसला, मनीष शर्मा, कृष्ण दुबे आदि उपस्थित रहे ।
