दिल्ली: स्वतंत्रता सेनानी जीजी पारिख का कल मुंबई में निधन हो गया। वे सौ वर्ष के थे। जीजी पारिख को अपने जीवनकाल में दो बार जेल जाना पड़ा था। पहली बार 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान और दूसरी बार देश में आपातकाल के दौरान जेल जाना पड़ा था। इन कठिनाईयों के बावजूद उनका सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पण कभी डगमगाया नहीं। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरूआत छात्र कार्यकर्ता के रूप में की थी। उन्होंने 1940 के दौरान सौराष्ट्र और मुंबई में विभिन्न स्वतंत्रता आंदोलनों में सक्रिय रूप से भाग लिया था। उन्होंने छात्र कांग्रेस के मुंबई इकाई के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवा दी थी।
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