Delhi: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से संबंधित मुद्दे को उठाने की कड़ी निंदा की। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री रिजिजू ने कहा कि रक्षा और सुरक्षा से संबंधित संवेदनशील मामलों को कभी भी राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व वाली सरकार एक परिपक्व नेता के नेतृत्व में है और वर्ष 1962 से ही हेंडरसन ब्रूक्स-भगत आयोग की रिपोर्टें अत्यंत गोपनीय दस्तावेज बनी हुई हैं। श्री रिजिजू ने कहा कि रिपोर्ट में चीन के पीएलए के हाथों बेहद अपमानजनक हार के लिए नेहरू सरकार को गंभीर रूप से दोषी ठहराया गया है।
उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू और कांग्रेस पार्टी को बेनकाब करने के लिए कभी भी इस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया। श्री रिजिजू ने कहा कि यह रिपोर्ट अभी भी गोपनीय है।