ट्रम्प बोले- जेलेंस्की से ज्यादा पुतिन चाहते हैं शांति! सीजफायर के दावे के बाद यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमले

नई दिल्ली/वॉशिंगटन: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। ट्रम्प ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तुलना में शांति समझौता करने के लिए ज्यादा इच्छुक हैं। हालांकि, ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के कथित सीजफायर को लेकर दोनों देशों के बयानों में अंतर दिखाई दे रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने 11 अक्टूबर को ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सीजफायर का दावा किया था। लेकिन इसके दो दिन बाद यूक्रेन ने रूस पर अपने छह ऊर्जा ठिकानों पर हमले करने का आरोप लगाया। यूक्रेन के अनुसार, इन हमलों में 33 लोग घायल हुए। हालांकि, सीजफायर की औपचारिक स्थिति और हमलों से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि उनका देश ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के अमेरिकी प्रस्ताव के लिए तैयार है, लेकिन रूस को भी इसका पालन करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रूसी हमले जारी रहे, तो यूक्रेन जवाबी कार्रवाई कर सकता है।

वहीं, रूस के क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि मॉस्को अस्थायी युद्धविराम के बजाय लंबे समय तक कायम रहने वाली शांति चाहता है। रूस की ओर से ऊर्जा सीजफायर लागू होने की स्पष्ट पुष्टि नहीं की गई है।

इस बीच, यूक्रेन के कीव, खार्किव और अन्य इलाकों में हमलों से जान-माल के नुकसान की खबरें सामने आई हैं। रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा है और राहत-बचाव अभियान चलाए गए हैं।

ऊर्जा ठिकाने इस युद्ध में रणनीतिक रूप से बेहद अहम हैं। रूस के हमलों से यूक्रेन की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जबकि यूक्रेन के रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रूस के ईंधन उत्पादन को प्रभावित करते हैं।

अब नजर इस बात पर है कि अमेरिका की मध्यस्थता से बातचीत आगे बढ़ती है या ऊर्जा ठिकानों पर हमले जारी रहने से शांति की कोशिशों को फिर झटका लगता है।

 

Related posts