चैत्र नवरात्रि प्रथम दिन: माँ शैलपुत्री का आगमन और ‘विक्रम संवत 2083’ का शंखनाद

Delhi: आज से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो रहा है। चारों ओर भक्ति का वातावरण है और प्रकृति भी पल्लवित होकर नए साल का स्वागत कर रही है। यह केवल व्रत-उपवास का समय नहीं है, बल्कि अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा को पुनर्जीवित करने का अवसर है। 1. माँ शैलपुत्री: अडिग विश्वास और शक्ति का प्रतीक नवरात्रि के पहले दिन हम माँ शैलपुत्री की पूजा करते हैं। ‘शैल’ का अर्थ है पर्वत और ‘पुत्री’ का अर्थ है बेटी। हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। •…

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