बिज़नेस : वोडाफोन आइडिया ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के लिए यह तिमाही घाटे में कमी और कारोबार में सुधार के संकेत लेकर आई है। 30 जून को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड लॉस घटकर ₹3,754 करोड़ रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को ₹6,608 करोड़ का घाटा हुआ था।
कंपनी के मुताबिक, घाटे में कमी के पीछे एवरेज रेवेन्यू पर यूजर यानी ARPU में बढ़ोतरी और 4G-5G सेवाओं से जुड़ने वाले ग्राहकों की भूमिका अहम रही। कंपनी ने अपने नेटवर्क विस्तार पर भी जोर दिया है और 200 से ज्यादा शहरों में 5G सेवा लाइव होने की जानकारी दी है।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो तिमाही के दौरान कंपनी का रेवेन्यू करीब 6% बढ़कर ₹11,660 करोड़ पहुंच गया। वहीं, EBITDA में भी 9.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी की ऑपरेशनल स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
वोडाफोन आइडिया लगातार अपने 4G नेटवर्क को मजबूत करने के साथ 5G सेवाओं का विस्तार कर रही है। कंपनी का फोकस ज्यादा ग्राहकों को तेज इंटरनेट सेवाओं से जोड़ने और प्रति ग्राहक औसत कमाई बढ़ाने पर है। टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस जियो और भारती एयरटेल से कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच वोडाफोन आइडिया के लिए 5G विस्तार और वित्तीय प्रदर्शन में सुधार काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि कंपनी के सामने अभी भी बड़ा कर्ज और वित्तीय दबाव जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में ग्राहक आधार, ARPU और 5G विस्तार की रफ्तार यह तय करेगी कि कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति को कितनी तेजी से मजबूत कर पाती है।
