लखनऊ: गोमती दर्शन यात्रा का भव्य समापन लखनऊ के कुड़िया घाट पर श्रद्धा, उत्साह और जनभागीदारी के साथ सम्पन्न हुआ। माँ गोमती नदी के संरक्षण, स्वच्छता और पुनर्जीवन के उद्देश्य से आयोजित यह यात्रा पीलीभीत के माधव टांडा से प्रारंभ होकर शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर होते हुए लखनऊ पहुँची।

यात्रा के प्रथम चरण का नेतृत्व गोमती दर्शन के संयोजक एडवोकेट अनुराग पाण्डेय द्वारा किया गया, जबकि मार्गदर्शन संस्था की अध्यक्ष श्वेता सिंह द्वारा प्रदान किया गया।

समापन समारोह की शुरुआत विधिवत पूजन और हवन के साथ हुई, जिसमें मुख्य यजमान के रूप में एडवोकेट अनुराग पांडेय और संस्था की अध्यक्ष श्वेता सिंह उपस्थित रही। इसके बाद आरजे प्रतीक के भक्ति गीतों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाह वीरेंद्र जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि जल सेवक विश्वनाथ खेमका और ललित कपूर विशिष्ट अतिथि रहे।

अपने संबोधन में वीरेंद्र जायसवाल ने नदियों को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि माँ गोमती का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदूषण रोकने और जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। वहीं विश्वनाथ खेमका ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से गोमती फिर से स्वच्छ और अविरल बनेगी। ललित कपूर ने इस यात्रा को जनजागरण का सशक्त माध्यम बताया।
मुख्य वक्ता अशोक पांडेय ने कहा कि गोमती नदी प्रदेश की जीवनरेखा है और इसका संरक्षण प्रदेशवासियों के अस्तित्व से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम में यात्रा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया और संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला गया।

अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए यह संकल्प दोहराया कि माँ गोमती की सेवा और संरक्षण के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
कार्यक्रम में अवधेश तिवारी, पंकज शुक्ला, संजय तिवारी, अमिताभ पांडेय, ललित मिश्रा, अरविंद पांडेय, विमलेश पांडेय, यादवेंद्र पांडेय, कृष्णा शुक्ला, गोपाल नारायण शुक्ला, कृष्णानंद राय, प्रमोद शुक्ला, प्रभाकर शुक्ला ‘सार्थी’, बृजभूषण मार्कंडेय, गगन जी, सरला शर्मा ‘अस्मा’, रुचि मिश्रा, नेहा वर्मा, सोनी सिंह, संजीव श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
