दिल्ली: देश में मोबाइल और इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर में कई बड़े बदलाव करते हुए यूजर्स की प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को और मजबूत बनाने का फैसला किया है। दूरसंचार विभाग यानी DoT द्वारा जारी नए नियमों के तहत अब टेलीकॉम कंपनियों को भारतीय यूजर्स का पूरा डेटा और रिकॉर्ड देश के भीतर ही स्टोर करना होगा।
नए नियमों के मुताबिक कोई भी टेलीकॉम कंपनी यूजर्स के कॉल रिकॉर्ड, इंटरनेट इस्तेमाल या अन्य व्यक्तिगत जानकारी को विदेश में स्टोर नहीं कर सकेगी और न ही किसी विदेशी संस्था के साथ साझा कर पाएगी। सरकार का मानना है कि इससे नागरिकों की प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
इसके साथ ही सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर में लंबे समय से चली आ रही जटिल लाइसेंस प्रक्रिया को भी आसान बना दिया है। अब कंपनियों को अलग-अलग लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए एक नया ‘टेलीकॉम ई-सर्विसेज पोर्टल’ शुरू किया गया है, जहां से ऑनलाइन मंजूरी मिल सकेगी। इससे नई कंपनियों के लिए बाजार में प्रवेश आसान होगा और नई तकनीकें तेजी से लोगों तक पहुंच सकेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि मंजूरी प्रक्रिया आसान होने से कंपनियों की लागत घटेगी और भविष्य में ग्राहकों को सस्ते और बेहतर इंटरनेट व कॉलिंग प्लान मिल सकते हैं। वहीं सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं देने वाली कंपनियों के लिए भी सख्त नियम बनाए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में सेवा देने वाली सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों का गेटवे स्टेशन देश के भीतर ही होना चाहिए।
संवेदनशील क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार के लिए सुरक्षा मंजूरी अनिवार्य कर दी गई है। साथ ही संदिग्ध और देशविरोधी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भी कंपनियों को आवश्यक तकनीकी व्यवस्था करनी होगी।
सरकार का कहना है कि इन नए नियमों से डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती मिलेगी, डेटा सुरक्षा बढ़ेगी और देश की साइबर संप्रभुता को नया बल मिलेगा।
