“भारत-इजरायल FTA पर जल्द ही साइन हो सकता है”: इजरायली दूतावास के इकोनॉमिक डिवीज़न की हेड ओफिर अमामी

नई दिल्ली : भारत और इजरायल सामान और सेवाओं से जुड़े फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत कर रहे हैं। इजरायली दूतावास में इकोनॉमिक और कमर्शियल मिशन की हेड ओफिर अमामी ने ANI को बताया कि दोनों देश आर्थिक सहयोग को गहरा करने और द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए इस समझौते पर जल्द ही साइन हो सकता है।उन्होंने गुरुवार को ‘AI और क्वांटम युग में टेलीकॉम सुरक्षा पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन’ के दौरान ANI को दिए एक खास इंटरव्यू में कहा, “अभी हम भारत और इजरायल के बीच एक व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। यह प्रक्रिया अभी चल रही है और उम्मीद है कि हम बहुत जल्द इस पर साइन होते हुए देख पाएंगे।”अमानी ने कहा कि भारत दुनिया भर के देशों के साथ व्यापार समझौतों और व्यापक आर्थिक जुड़ाव के जरिए अपने वैश्विक व्यापार को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार साझेदारी को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली की कोशिशें इजरायल के साथ सहयोग के नए मौके पैदा कर रही हैं।प्रस्तावित समझौते के बारे में बात करते हुए अमामी ने कहा कि बातचीत जारी है और बातचीत के दौरान खास जानकारी बताना जल्दबाजी होगी। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि दोनों पक्ष आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने और व्यापार संबंधों का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा, “अभी डिटेल में जाना जल्दबाजी होगी। जैसा कि मैंने कहा, यह अभी बातचीत के दौर में है, इसलिए साइन होने से पहले हम कोई जानकारी शेयर नहीं कर पाएंगे। लेकिन मुझे लगता है कि कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई है। दोनों पक्षों की ओर से कई स्तरों पर – सेवाओं और सामान दोनों में – सहयोग और व्यापार को आगे बढ़ाने की काफी इच्छा है।”पश्चिम एशिया में बदलते हालात और हालिया राजनयिक घटनाक्रम से व्यापार और कमर्शियल गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है या नहीं, इस सवाल के जवाब में अमामी ने कहा कि दोनों देश गहरे आर्थिक जुड़ाव और मजबूत कमर्शियल संबंधों की ओर बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, “निश्चित रूप से हम व्यापार और सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”FTA को पूरा करने की समय-सीमा के बारे में पूछे जाने पर अमामी ने कहा कि बातचीत एक जारी प्रक्रिया है और इसलिए इसे पूरा करने की कोई खास तारीख बताना मुश्किल है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस दिशा में प्रगति हो सकती है।उन्होंने कहा, “भारत ने साबित किया है कि जब वह किसी व्यापार समझौते को आगे बढ़ाना चाहता है, तो बहुत तेज़ी से काम करता है। मंत्री पीयूष गोयल इस मुद्दे पर बहुत सक्रिय हैं, और हाल के दिनों में हमने वैश्विक स्तर पर भारत के साथ इस क्षेत्र में काफी प्रगति देखी है। इसलिए उम्मीद है कि हम बहुत जल्द इस समूह का हिस्सा बन सकेंगे।”व्यापार के अलावा, अमामी ने टेक्नोलॉजी से जुड़े क्षेत्रों में भारत और इज़राइल के बीच बढ़ते सहयोग पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने टेलीकम्युनिकेशन, साइबर सिक्योरिटी और टेक्नोलॉजी सहयोग पर हुई पैनल चर्चा को कार्यक्रम की मुख्य बातों में से एक बताया और कहा कि दोनों देशों में इन क्षेत्रों में मिलकर काम करने की काफी संभावना है।उन्होंने कहा, “हमें टेक्नोलॉजी के दौर में और टेलीकम्युनिकेशन व साइबर के क्षेत्र में सहयोग के बारे में थोड़ी चर्चा करने का मौका मिला। मुझे लगता है कि यह चर्चा के लिए बहुत दिलचस्प विषय है।”अमामी ने कहा कि इज़राइल साइबर क्षेत्र में अपनी क्षमताओं के लिए जाना जाता है और भारत को एक भरोसेमंद और समान सोच वाला साझेदार मानता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच साइबर सहयोग बढ़ रहा है, हालांकि अभी भी और विकास की काफी गुंजाइश है, खासकर रक्षा क्षेत्र के अलावा, जहां द्विपक्षीय सहयोग पहले से ही अच्छी तरह से स्थापित है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर अमामी ने कहा कि भारत नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को अपनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि AI में सहयोग में सरकार और प्राइवेट सेक्टर दोनों को शामिल होना चाहिए, और उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भारत और इज़राइल टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और इनोवेशन के क्षेत्र में अपना सहयोग और मज़बूत करेंगे।

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