देश: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए भारतीय जवानों को लेकर अब राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए छह जवानों की जानकारी लंबे समय तक सार्वजनिक नहीं की और उन्हें वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए एक बयान का वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि या तो रक्षा मंत्री को उस समय जवानों की शहादत की जानकारी नहीं थी या फिर संसद में गलत जानकारी दी गई, दोनों ही स्थिति गंभीर हैं।
कांग्रेस के आरोपों पर रक्षा मंत्रालय ने सफाई देते हुए कहा कि यह दावा पूरी तरह गलत है कि शहीद जवानों को पहली बार अब सम्मान मिला है। मंत्रालय ने बताया कि 11 मई 2025 को आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्कालीन सैन्य अभियान महानिदेशक ने इन जवानों को श्रद्धांजलि दी थी। इसके बाद वीरता पुरस्कारों की जानकारी भी सार्वजनिक की गई थी और सेना के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी उन्हें सम्मान दिया गया था।
रक्षा मंत्रालय ने राजनाथ सिंह के बयान को लेकर भी सफाई दी। मंत्रालय के अनुसार संसद में दिए गए बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया। राजनाथ सिंह का बयान भारतीय वायुसेना के पायलटों के मारे जाने के दावों पर जवाब के तौर पर था, न कि ऑपरेशन सिंदूर में किसी भी सैन्य नुकसान से इनकार करने के लिए।
गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। सरकार के अनुसार इस अभियान में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य स्तर पर बातचीत के बाद कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी थी।
शहीद जवानों के सम्मान और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सरकार इसे गलत जानकारी फैलाने का मामला बता रही है।
