झोपड़ी में चल रहा था सरकारी स्कूल, DM के अचानक पहुंचते ही खुली बदहाल व्यवस्था

करियर: ग्रामीण इलाके में सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बच्चों की पढ़ाई पक्के भवन में नहीं, बल्कि झोपड़ी और छप्पर के नीचे जमीन पर बैठाकर कराई जा रही थी। मामला उस वक्त सामने आया, जब जिलाधिकारी बिना पूर्व सूचना के स्कूल का निरीक्षण करने अचानक पहुंच गए। DM के स्कूल पहुंचते ही वहां मौजूद शिक्षक और कर्मचारी भी सकते में आ गए। निरीक्षण के दौरान छात्रों की स्थिति देखकर जिलाधिकारी ने स्कूल की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई।

बताया जा रहा है कि स्कूल में पढ़ने वाले छात्र छप्पर के नीचे जमीन पर बैठे हुए थे। बच्चों के लिए पर्याप्त फर्नीचर और अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी नजर आई। बारिश और खराब मौसम के दौरान विद्यार्थियों को किस तरह पढ़ाई करनी पड़ती होगी, इसका अंदाजा मौके की स्थिति देखकर लगाया जा सकता है। DM ने स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए शिक्षकों से स्कूल भवन और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी जानकारी ली।

अचानक निरीक्षण के दौरान सामने आई तस्वीर ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार की ओर से बच्चों को बेहतर शिक्षा और स्कूलों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दिया जाता है, लेकिन जमीन पर कई जगह स्थिति अलग दिखाई देती है। ऐसे में जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई या सुधार के निर्देश दिए जाने की संभावना है।

DM ने अधिकारियों को स्कूल की व्यवस्थाओं को जल्द सुधारने और बच्चों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अब देखना होगा कि निरीक्षण के बाद स्कूल की तस्वीर कितनी जल्दी बदलती है और छात्रों को पढ़ाई के लिए उचित भवन, फर्नीचर और दूसरी जरूरी सुविधाएं मिल पाती हैं।

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