उज्जैन :- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुरूप बाबा श्री महाकालेश्वर की सवारी को भव्य स्वरुप देने के लिए 08 जनजातीय कलाकारों के दल श्री महाकालेश्वर भगवान की दूसरी सवारी में सहभागिता करेंगे। जिसमें झाबुआ का भगोरिया नृत्य, नाशिक महाराष्ट्र के जनजातीय सौगी मुखोटा नृत्य, गुजरात जनजातीय राठ नृत्य, राजस्थान का गैर-घूमरा जनजातीय नृत्य सम्मिलित है। यह सभी दल श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी के साथ सम्पूर्ण सवारी मार्ग में अपनी प्रस्तुति देते हुए चलेगें। इन दलों के अतिरिक्त उडीसा के लोकनृत्य शंख ध्वनि व छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य लोकपंथी श्री महाकालेश्वर भगवान के सवारी के आगमन पर रामघाट पर प्रस्तुति देंगे। साथ ही उसी दौरान हरियाणा का लोकनृत्य हरियाणवी घुमर और मध्यप्रदेश छतरपुर के बरेदी लोकनृत्य के साथ क्षिप्रा तट के दूसरी ओर दत्तअखाड़ा क्षेत्र पर श्री महाकालेश्वर भगवान के सवारी के रामघाट आगमन पर प्रस्तुति देंगे। सभी जनजातीय दल संस्कृति विभाग भोपाल, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद व त्रिवेणी कला एवं पुरातत्वव संग्रहालय के माध्यम से भगवान श्री महाकालेश्वर जी की दूसरी सवारी में सहभागिता करेगे। बाबा श्री महाकालेश्वर की दूसरी शाही सवारी में आज मुख्यमंत्री डॉ यादव भी शामिल होंगे।
