देश : प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद परिवार और शहर में शोक का माहौल है। शुक्रवार तड़के उनका शव प्रयागराज के हटवा गांव लाया गया, जहां परिजनों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हुईं। अबान को कसारी-मसारी स्थित खानदानी कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा, जहां पहले से उनके पिता अतीक अहमद, चाचा अशरफ, भाई असद और दादा फिरोज अहमद की कब्रें मौजूद हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कब्रिस्तान और आसपास के इलाके में 70 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
इस बीच उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का बयान भी चर्चा का विषय बन गया। जब पत्रकारों ने उनसे अबान की मौत को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं रोज होती रहती हैं और इस तरह के सवाल पूछना उचित नहीं है। उनके इस बयान पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
वहीं, झांसी जेल में बंद अबान के बड़े भाई अली के बारे में जानकारी मिली है कि वह पूरी रात सो नहीं सके और अपने छोटे भाई की मौत से बेहद दुखी हैं। उन्होंने खाना भी नहीं खाया। दूसरी ओर लखनऊ जेल में बंद भाई उमर और अली को जनाजे में शामिल कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में पैरोल याचिका दायर की गई है। यदि अदालत से अनुमति मिलती है तो दोनों भाइयों को प्रयागराज लाकर अंतिम विदाई में शामिल कराया जा सकता है।
अबान की मां शाइस्ता परवीन, जो वर्ष 2023 से फरार हैं, उनके जनाजे में शामिल होंगी या नहीं, इस पर भी सभी की नजर बनी हुई है। इससे पहले वह अपने पति अतीक अहमद और बेटे असद के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुई थीं। परिवार की ओर से अबान की मौत को लेकर गहरा दुख जताया गया है। झांसी में शव लेने पहुंचे रिश्तेदार अहजम ने कहा कि “जो अल्लाह की अमानत थी, उसे अल्लाह ने वापस ले लिया।”
