उत्तर प्रदेश: लखनऊ की जीवनरेखा कही जाने वाली गोमती नदी आज गंभीर प्रदूषण की मार झेल रही है। इसी चिंता को केंद्र में रखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता, “समग्र विकास इंडिया” के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं स्वतंत्र पत्रकार ब्रजभूषण दूबे ने एक अनोखा और प्रभावशाली जनजागरण अभियान शुरू किया है। सोमवार को लखनऊ के कुड़िया घाट पर उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से एक “सीबीआई अफसर” को जगाने का प्रयास किया, जो गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की वर्षों से चल रही जांच की धीमी गति पर सवाल उठाने का प्रतीक था। इस दौरान उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसने प्रशासन और जनता दोनों का ध्यान आकर्षित किया।

इस पूरे घटनाक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल विरोध दर्ज कराना नहीं, बल्कि जिम्मेदार संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों को जागरूक करना है। इसी क्रम में ब्रजभूषण दूबे ने आगामी 13 अप्रैल 2026, वरुथिनी एकादशी के अवसर पर सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे तक कुड़िया घाट पर “गोमती स्नान” का आयोजन किया है। इस विशेष आयोजन में उन्होंने प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक सहित कई प्रमुख नेताओं को आमंत्रित किया है।

इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता अजय राय तथा बसपा प्रमुख मायावती सहित विभिन्न दलों के नेताओं, मंत्रियों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को भी पत्र और ईमेल के माध्यम से न्योता भेजा गया है। साथ ही उच्च न्यायालय लखनऊ के मुख्य न्यायाधीश और न्यायालय परिवार को भी इस अभियान में शामिल होने का आग्रह किया गया है।
ब्रजभूषण दूबे का कहना है कि यदि सरकारी दावों के अनुसार गोमती स्वच्छ है, तो जनप्रतिनिधियों को स्वयं आकर इसमें स्नान कर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि नदी में गिरने वाले नाले, निष्क्रिय एसटीपी और घटती जैव विविधता स्थिति को और भयावह बना रही है।
उन्होंने कहा- यह अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनसहभागिता का आह्वान है। हम सबका कर्तव्य है कि अपनी जीवनदायिनी नदियों की स्वच्छता और संरक्षण के लिए आगे आएं। आइए, हम सभी इस महा-अभियान का हिस्सा बनकर गोमती को पुनः निर्मल और अविरल बनाने का संकल्प लें।
