दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ- आरएसएस द्वारा राष्ट्र की समर्पित सेवा के 100 वर्ष पूरे होने पर उसकी सराहना की। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के प्रेरक संबोधन का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में संघ की महत्वपूर्ण भूमिका और भारत के सभ्यतागत मूल्यों के पोषण के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राश्ट्र प्रथम की भावना से दीप्त यह संगठन करोड़ों भारतीयों के लिये प्रेरणा का स्रोत है। संघ द्वारा विजयादशमी पर अयोध्या में भव्य पथ संचलन किया गया। पथ संचलन समरसता और सामाजिक सद्भाव का संदेष लेकर राम कथा पार्क से प्रारम्भ हुई जिसमें हजारों स्वयं सेवकों की अनुषासित टुकड़ियों ने भगवा ध्वज के साथ जब नगर भ्रमण किया तो पूरा वातावरण देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।

पथ संचलन का समापन श्री राम मंदिर के मुख्य द्वारा बिरला धर्मशाला के पास हुआ, जहां विभिन्न मंदिरों के पीठाधीश्वर, संत महात्माओं की उपस्थिति में सहभोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी शामिल हुए। उन्होंने संगठन, राष्ट्रहित और सामाजिक समरसता पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि संघ का मूल उद्देश्य समाज में समानता और एकजुटता को स्थापित करना है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस एवं शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित “विजयदशमी उत्सव एवं पथ संचलन” कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक शामिल हुए। लखनऊ के आनंद नगर (लखनऊ दक्षिण भाग) में कार्यक्रम का आयोजन हुआ।जिसमें सैकड़ों स्वयंसेवकों के साथ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पथ संचलन किया।
