PPF की गारंटी या SIP का ज्यादा रिटर्न? ₹10 हजार की बचत पर समझें पूरा गणित

बिज़नेस : आज के समय में हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी बचत सुरक्षित भी रहे और उस पर अच्छा रिटर्न भी मिले। ऐसे में निवेशकों के सामने PPF और SIP दो लोकप्रिय विकल्प हैं। अगर हर महीने ₹10 हजार बचाने की क्षमता है, तो सवाल उठता है कि पूरी रकम PPF में लगाई जाए या SIP के जरिए बाजार में निवेश किया जाए। दोनों विकल्पों में जोखिम और रिटर्न का अंतर काफी महत्वपूर्ण है।

PPF यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड सरकार की ओर से समर्थित बचत योजना है। इसमें ब्याज दर सरकार तय करती है और निवेश की रकम पर बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा असर नहीं पड़ता। इसलिए यह उन लोगों के लिए आकर्षक विकल्प है जो अपने निवेश में स्थिरता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, PPF में लॉक-इन अवधि लंबी होती है और संभावित रिटर्न इक्विटी आधारित निवेश से कम हो सकता है।

दूसरी ओर SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में नियमित निवेश किया जाता है। इसका रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है, इसलिए यहां जोखिम भी मौजूद रहता है। लंबी अवधि में इक्विटी म्यूचुअल फंड ने ऐतिहासिक रूप से बेहतर रिटर्न देने की क्षमता दिखाई है, लेकिन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं होती।

वित्तीय योजना बनाने वाले एक्सपर्ट्स अक्सर जोखिम को संतुलित करने के लिए 70:30 जैसे फॉर्मूले पर विचार करने की सलाह देते हैं। यानी ₹10 हजार की मासिक बचत में ₹7 हजार अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्पों में और ₹3 हजार बाजार आधारित निवेश में रखे जा सकते हैं। हालांकि, सही अनुपात व्यक्ति की उम्र, आय, लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता पर निर्भर करता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम क्षमता को समझना जरूरी है।

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