देश : उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर में नागपंचमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने से भगदड़ जैसे हालात बन गए। मंदिर के कपाट साल में सिर्फ एक बार नागपंचमी के दिन खोले जाते हैं, जिसके चलते दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचे। बताया जा रहा है कि मंदिर में दर्शन के लिए करीब 40 हजार श्रद्धालु कतार में लगे हुए थे। इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ने से कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई और अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई।
घटना में करीब 13 श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। कई लोगों के बेहोश होने की भी खबर है। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन की टीम ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया और प्रभावित श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को भी बढ़ाया गया।
नागचंद्रेश्वर मंदिर महाकाल मंदिर परिसर की तीसरी मंजिल पर स्थित है और इसके कपाट पूरे वर्ष बंद रहते हैं। नागपंचमी के दिन ही विशेष पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए मंदिर खोला जाता है। इसी धार्मिक महत्व के कारण हर साल यहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
घटना के बाद प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती। श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के साथ-साथ कतार व्यवस्था को सुचारु करने की कोशिश की गई। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई है। घटना के बाद मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा, हालांकि स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी रहे।
