नवंबर 14, नई दिल्ली: बिहार की जनता ने अपने गौरव और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए मोदी और उनकी नीतियों को भारी जनादेश दिया है। 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में और 2020 तथा 2025 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को बिहार से लगातार मजबूत समर्थन मिला। बिहार भारत का तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला राज्य, अपनी मेहनती और दृढ़-संकल्पी जनता के लिए जाना जाता है। राज्य का लगभग 89% हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में फैला हुआ है, जो इसे हिमाचल प्रदेश के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा ग्रामीण राज्य बनाता है। यही कारण है कि बिहार, ग्रामीण भारत की ताकत और आकांक्षाओं का प्रतीक माना जाता है।राज्य की जनता ने हमेशा अपने सम्मान और स्वाभिमान के लिए फैसले किए हैं। राजनीतिक दलों की ओर से कभी-कभी बिहार की अनदेखी या अपमान की घटनाएं हुई हैं। उदाहरण के तौर पर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा छठ पूजा पर विवादित टिप्पणी की गई थी। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छठ पूजा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता दिलाने का प्रयास किया, जिससे इसे वैश्विक स्तर पर सम्मान मिला।
बिहार की जनता ने अपने गौरव और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए मोदी और उनकी नीतियों को भारी जनादेश दिया है। 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में और 2020 तथा 2025 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को बिहार से लगातार मजबूत समर्थन मिला। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि बिहार और मोदी के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद रिश्ता कायम है।
