टेक्नोलॉजी: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई अब सिर्फ सवालों के जवाब देने या तस्वीरें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर महीने लाखों किताबें भी तैयार कर रहा है। अगर आप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अमेजन पर नई किताबें खोजते हैं, तो संभव है कि उनमें से कई किताबें इंसानी लेखकों की जगह एआई की मदद से लिखी गई हों।
रिपोर्ट के मुताबिक साल 2022 में चैटजीपीटी जैसे बड़े लैंग्वेज मॉडल आने के बाद अमेजन पर हर महीने प्रकाशित होने वाली ई-बुक्स की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां हर महीने करीब 1 लाख ई-बुक्स प्रकाशित होती थीं, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 3 लाख तक पहुंच गया है। यानी सिर्फ तीन साल के अंदर ई-बुक पब्लिशिंग का बाजार करीब तीन गुना बड़ा हो गया है।
कॉर्नेल यूनिवर्सिटी की अर्थशास्त्री इमके रीमर्स और यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा के प्रोफेसर जोएल वाल्डफोगेल ने करीब 50 हजार किताबों का अध्ययन किया। उन्होंने एआई डिटेक्शन टूल्स, अमेजन की रेटिंग और बिक्री के आंकड़ों के आधार पर इन किताबों की तुलना की। रिसर्च में सामने आया कि एआई से बनी किताबों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन पाठकों की प्रतिक्रिया उतनी अच्छी नहीं रही।
एआई से लिखी गई किताबों को आमतौर पर कम रेटिंग मिली और उनकी बिक्री भी इंसानी लेखकों की किताबों के मुकाबले कमजोर रही। कई पाठकों का मानना था कि ऐसी किताबों में गहराई, अनुभव और मौलिकता की कमी महसूस होती है।
हालांकि कई बड़े प्रकाशक अब एआई को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं। प्रसिद्ध ट्रैवल गाइड कंपनी फोडोर्स ने अपना एआई चैटबॉट तैयार किया है, जो कंपनी के संपादित कंटेंट के आधार पर यात्रियों के लिए गाइड तैयार करता है।
एआई के बढ़ते इस्तेमाल ने किताबों की दुनिया में नई बहस शुरू कर दी है कि क्या मशीनें इंसानी रचनात्मकता की जगह ले पाएंगी या फिर भविष्य में लेखक और एआई मिलकर नई तरह की किताबें बनाएंगे।
