दिल्ली: क्या सिर्फ महंगी दवाइयां और सप्लीमेंट ही बढ़ती उम्र को धीमा कर सकते हैं? विशेषज्ञों और कई अंतरराष्ट्रीय शोधों के अनुसार, इसका जवाब है—नहीं। आपकी रोज़ की थाली ही लंबे समय तक स्वस्थ, सक्रिय और फिट रहने की सबसे बड़ी कुंजी बन सकती है।
एंटी-एजिंग के लिए आज दो ऐसे डाइट पैटर्न चर्चा में हैं, जिन्हें अपनाकर दिमाग और शरीर दोनों को फायदा पहुंचाया जा सकता है।
पहली है ‘माइंड डाइट’। यह डाइट विशेष रूप से मस्तिष्क की सेहत को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज, बेरीज जैसे स्ट्रॉबेरी, जामुन और शहतूत शामिल किए जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे खाद्य पदार्थ दिमाग की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने और याददाश्त कमजोर होने के खतरे को कम करने में सहायक हो सकते हैं। इसके साथ नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और ब्लड प्रेशर व शुगर का नियंत्रण भी जरूरी माना जाता है।
दूसरी है ‘प्लांट-रिच डाइट’। इसका उद्देश्य पेट में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को मजबूत बनाना है, क्योंकि हमारी इम्युनिटी का बड़ा हिस्सा आंतों से जुड़ा होता है। इस डाइट में अलग-अलग तरह की दालें, साबुत अनाज, मौसमी फल, रंग-बिरंगी सब्जियां, मेवे, बीज और मसालों को शामिल करने की सलाह दी जाती है। कोशिश करें कि सप्ताह भर में कम से कम 30 तरह के पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थ आपकी थाली का हिस्सा बनें।
इसके अलावा तीन छोटी आदतें भी आपकी सेहत में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। पहली—थाली में कम से कम तीन अलग-अलग रंगों के प्राकृतिक खाद्य पदार्थ रखें। दूसरी—दिन का मुख्य भोजन धूप रहते ही करें। और तीसरी—रिफाइंड खाद्य पदार्थों और अत्यधिक प्रोसेस्ड तेलों की जगह संतुलित और कम प्रसंस्कृत विकल्प अपनाएं।
याद रखें, स्वस्थ उम्र बढ़ना किसी एक चमत्कारी भोजन से नहीं, बल्कि रोज़ की संतुलित जीवनशैली और सही खानपान से संभव होता है।
नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी विशेष डाइट को अपनाने से पहले डॉक्टर या योग्य पोषण विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
