बिज़नेस : भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बदलाव किया है। नई दरें आज से लागू हो गई हैं। सरकार के ताजा फैसले के मुताबिक पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर ₹1.5 प्रति लीटर की दर से विंडफॉल टैक्स लगाया जाएगा, जबकि डीजल के निर्यात पर ₹25 प्रति लीटर टैक्स लागू होगा। इस बदलाव का असर देश की प्रमुख तेल कंपनियों और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात कारोबार पर पड़ सकता है।
विंडफॉल टैक्स का इस्तेमाल सरकार उस समय करती है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल या पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी से घरेलू कंपनियों को अतिरिक्त मुनाफा होता है। ऐसे अतिरिक्त लाभ पर सरकार टैक्स लगाकर राजस्व जुटाती है। पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर नई दरें लागू होने के बाद कंपनियों की निर्यात लागत बढ़ सकती है, जिसका असर उनके मार्जिन पर पड़ने की संभावना है।
सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों, घरेलू बाजार की स्थिति और कंपनियों के मुनाफे को ध्यान में रखते हुए इस टैक्स की दरों की समीक्षा करती है। नई दरों का उद्देश्य पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से होने वाले असाधारण लाभ पर कर व्यवस्था को संतुलित रखना है।
जानकारों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और रिफाइनिंग मार्जिन में होने वाले बदलाव के आधार पर इस टैक्स का असर तेल कंपनियों के प्रदर्शन पर दिखाई दे सकता है। हालांकि घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर इसका सीधा असर कितना होगा, यह कई अन्य बाजार कारकों पर भी निर्भर करेगा।
