बिज़नेस : देश में पैकेज्ड फूड और ईंधन से जुड़े नियमों को लेकर रविवार को तीन अहम खबरें सामने आईं। सबसे पहले खाने-पीने की पैक्ड चीजों में ज्यादा नमक, चीनी या सैचुरेटेड फैट होने पर पैकेट के सामने लाल रंग का षटकोणीय चेतावनी लेबल लगाने का प्रस्ताव सामने आया है। FSSAI ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इस व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है। इसका मकसद ग्राहकों को पैकेट खरीदते समय यह आसानी से समझने में मदद करना है कि किसी उत्पाद में हाई फैट, हाई शुगर या हाई सॉल्ट की मात्रा ज्यादा है।
दूसरी बड़ी खबर मसाला कंपनी एवेरेस्ट से जुड़ी है। FSSAI ने एवेरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स की कंपाउंडेड हींग की बिक्री पर रोक लगाई है। जांच में कुछ नमूने तय गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। रिपोर्ट के मुताबिक कंपाउंडेड हींग के अलावा येलो और ब्लैक हींग पाउडर के नमूनों में भी जरूरी अल्कोहल-सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट की मात्रा निर्धारित मानक से कम पाई गई। FSSAI ने इसे मिसब्रांडेड और सब-स्टैंडर्ड उत्पादों से जुड़ा मामला बताया है।
वहीं पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 31 अगस्त को अहम सुनवाई होगी। याचिका में मांग की गई है कि पेट्रोल पंपों के डिस्पेंसिंग नोजल और ग्राहकों को मिलने वाले बिल पर पेट्रोल में मिलाए गए एथेनॉल का सटीक प्रतिशत स्पष्ट रूप से बताया जाए। इससे वाहन चालकों को ईंधन की संरचना की जानकारी मिल सकेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
इन तीनों मामलों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है—चाहे वह पैकेट खरीदने का फैसला हो या पेट्रोल भरवाते समय ईंधन की जानकारी जानना।
