मुख्यमंत्री ने देहरादून में ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

देहरादून। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून के पवेलियन ग्राउंड में आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने दौड़ में शामिल युवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश दिया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं, खिलाड़ियों और प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने पीआरडी जवानों के मानदेय में वृद्धि करने की घोषणा करते हुए कहा कि इस संबंध में जल्द बैठक आयोजित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में मुख्यमंत्री खेल क्लब गठित करने का ऐलान किया। इसके अलावा देहरादून के आमवाला स्थित युवा केंद्र के पास खाली भूमि युवा कल्याण विभाग को हस्तांतरित की जाएगी। इस भूमि पर मिनी स्टेडियम और अग्निवीर प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा, जिससे युवाओं को खेल और सेना भर्ती की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि में होगी बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के तहत विभिन्न स्तरों पर आयोजित प्रतियोगिताओं की पुरस्कार राशि बढ़ाने की घोषणा की। न्याय पंचायत स्तर पर प्रथम पुरस्कार 300 से बढ़ाकर 400 रुपये, द्वितीय 200 से 300 रुपये और तृतीय 150 से 200 रुपये किया जाएगा।

विधानसभा स्तर पर पुरस्कार राशि क्रमशः 700, 500 और 400 रुपये होगी। संसदीय क्षेत्र स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार 1,000, 800 और 600 रुपये किए जाएंगे। वहीं राज्य स्तर पर पुरस्कार राशि बढ़ाकर क्रमशः 2,000, 1,500 और 1,000 रुपये की जाएगी।

मुख्यमंत्री कप की राशि 5 से बढ़ाकर 10 लाख

मुख्यमंत्री ने चैंपियनशिप ट्रॉफी के ओवरऑल विजेता जनपद को दिए जाने वाले मुख्यमंत्री कप की पुरस्कार राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का ऐलान किया। साथ ही प्रतियोगिता में शामिल खेलों की संख्या 32 से बढ़ाकर 50 की जाएगी। इसमें पारंपरिक खेलों को भी विशेष रूप से शामिल किया जाएगा। प्रतियोगिता के आयोजन के लिए निर्धारित बजट में भी वृद्धि की जाएगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व से देश की रियासतों का एकीकरण कर मजबूत और अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया।

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