दिल्ली में यमुना नदी का जल स्तर लगातार बारिश और बाढ़ की वजह से बढ़ता जा रहा है। दिल्ली के पुराने रेलवे पुल पर यमुना नदी का जलस्तर शनिवार सुबह करीब नौ बजे 205.22 मीटर तक पहुंच गया। खतरे का निशान 205.33 मीटर है। अगर ऐसे ही जल स्तर बढ़ता रहा तो यह निशान भी पार हो जाएगा जल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जल विभाग के अधिकारी अलर्ट पर हैं। धिकारियों को बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए विभाग ने कहा है। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने कहा, ‘जलस्तर बढ़ने की वजह वजीराबाद और हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे छोड़े जा रहे पानी की अधिक मात्रा है।’फ्लड कंट्रोल डिपार्टमेंट ने कहा है, ‘हर घंटे हथिनीकुंड बैराज से करीब 38,897 क्यूसेक पानी और वजीराबाद बैराज से 45,620 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। शहर के लिए चेतावनी का स्तर 204.50 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर है।
गुरुवार दोपहर से नदी में 40,000 से 60,000 क्यूसेक पानी का बहाव देखा जा रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर यही रफ्तार रहा तो जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है। पिछले साल 2023 में, यमुना का जलस्तर 11 जुलाई को 208.66 मीटर तक पहुंच गया था, जब हथनीकुंड से रिकॉर्ड 359,760 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। कई दिनों तक 100,000 क्यूसेक से ज्यादा पानी का बहाव रहा। वहीं, पिछले साल सितंबर में जलस्तर 204.38 मीटर था, जो चेतावनी स्तर से भी कम था।
