– अंजुली में गोमती का जल लेकर पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने गोमती नदी को बचाने का लिया संकल्प
लखनऊ। सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्वतंत्र पत्रकार ब्रजभूषण दूबे ने एक महीना पहले से 13 अप्रैल को वरुथिनी एकादशी के दिन लखनऊ के कुड़िया घाट पर गोमती नहान के आयोजन की घोषणा की थी, जिसमें गवर्नर आनंदीबेन पटेल मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी दोनों डिप्टी सीएम के अलावा अखिलेश यादव बसपा सुप्रीमो मायावती कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह, शासन के मुख्य सचिव इत्यादि को पत्र भेज कर गोमती नहान के लिए आमंत्रित किया था।
इस बीच निमंत्रण देने के साथ ही उन्होंने अपने सहयोगियों सहित गोमती में गिर रहे विभिन्न क्षेत्रों के नालों को भी दिखाया और यह भी बताया कि 9 साल से गोमती रिवर फ्रंट के भ्रष्टाचार को लेकर सीबीआई जांच चल रही है जिसका कोई निष्कर्ष नहीं निकला है और 1400 करोड़ से अधिक रुपए अखिलेश यादव के समय में खर्च हुए 700 करोड़ से अधिक रुपए आदित्यनाथ योगी के समय में फिर भी गोमती नदी में नाले यथावत गिर रहे हैं।
गोमती के कछुए एवं अन्य जल जीव ऑक्सीजन के चलते लगभग समाप्ति के कगार पर हैं। लखनऊ के गोमती का कचरा और दूषित जल अब वाराणसी और गाजीपुर के सरहद पर जहाँ तक गोमती गंगा में मिलती है वहाँ प्रदूषण का मुख्य कारण बन रहा है।
13 अप्रैल को सुबह 7:00 से 10:00 के बीच उत्तर प्रदेश और बिहार के कई सामाजिक कार्यकर्ता गोमती नहान के कार्यक्रम में पहुंचे लेकिन किसी भी पार्टी के नेता या जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में नहीं पहुँचे।
उत्तर प्रदेश राज्यपाल के पूर्व विधि सलाहकार, न्यायाधीश एवं नैतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रभूषण पांडे उक्त कार्यक्रम में पहुंचकर लोगों का हौसला बढ़ाया और कहा कि संविधान वर्णित हमारे नागरिक कर्तव्य हैं कि हम नदियों और पर्यावरण को बचाएंगे! सरकारों ने गंगा सहित देश की नदियों को मार डाला चुनाव में कभी भी नदियां और पर्यावरण मुद्दा नहीं रहा, इस मामले को लेकर अब समय आ गया है कि सड़क से लेकर कोर्ट तक संघर्ष किया जाए और नदियों को बचाया जाए।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता दीपक पांडेय, अंबिका प्रसाद श्रमिक, अजय त्रिवेदी, तिरंगा महाराज, मुकुंद बिहारी दिवांशु पांडे महेंद्र प्रताप सिंह, राम तिवारी आलोक राय, राम तिवारी महेंद्र सिंह, रामचंद्र अरुण द्विवेदी, रवीश गुप्ता, विक्की यादव आदि लोगों ने अपना विचार व्यक्त किया, संचालक गौरव विनायक एवं अध्यक्षता पर्यावरण कार्यकर्ता कृष्णानंद राय ने किया।
