न्यू दिल्ली : केंद्र सरकार ने देश में 100% शुद्ध इथेनॉल से चलने वाले वाहनों को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे जुड़े नियमों और रेगुलेशंस को अंतिम रूप दे दिया गया है और जल्द ही भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इथेनॉल आधारित गाड़ियों की एंट्री शुरू हो जाएगी।
सरकार का यह कदम देश की पेट्रोल और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ प्रदूषण घटाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। गडकरी के मुताबिक, ऑटोमोबाइल कंपनियां इस तकनीक को अपनाने के लिए तैयार हैं और अगले छह हफ्तों के भीतर टोयोटा, सुजुकी, एमजी और हुंडई जैसी कंपनियां 100% इथेनॉल से चलने वाले नए मॉडल लॉन्च कर सकती हैं।
इथेनॉल एक बायोफ्यूल है जिसे मुख्य रूप से गन्ने के रस, मक्का और अन्य जैविक पदार्थों से तैयार किया जाता है। इसे पेट्रोल के मुकाबले ज्यादा पर्यावरण अनुकूल ईंधन माना जाता है। सरकार का मानना है कि इसके इस्तेमाल से प्रदूषण में कमी आएगी और देश का करोड़ों रुपये का ईंधन आयात बिल भी घटेगा।
हाल ही में सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए E85 ईंधन भी पेश किया था, जिसमें 85% इथेनॉल और 15% पेट्रोल होता है। अब 100% इथेनॉल को मंजूरी मिलने के बाद बायोफ्यूल सेक्टर को नई गति मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, यह ईंधन सिर्फ उन्हीं वाहनों में इस्तेमाल किया जा सकेगा जिनमें फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक मौजूद होगी। सामान्य पेट्रोल कारों में सीधे 100% इथेनॉल नहीं डाला जा सकेगा। आने वाले समय में भारत में ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में यह बड़ा कदम साबित हो सकता है।
