वॉशिंगटन : अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के एक नए वैज्ञानिक बयान के अनुसार, ज़्यादातर वयस्क बिना किसी कार्डियोवैस्कुलर जोखिम (दिल की बीमारी का खतरा) के हर दिन 400 मिलीग्राम तक कैफीन का सुरक्षित रूप से सेवन कर सकते हैं। यह मात्रा कैफीन वाली कॉफ़ी के 8-औंस वाले पांच कप के बराबर है।इस समीक्षा से यह भी पता चलता है कि कॉफ़ी का सीमित मात्रा में सेवन दिल से जुड़ी कई बीमारियों के कम जोखिम से जुड़ा हो सकता है, हालांकि शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि कैफीन के प्रति हर व्यक्ति की प्रतिक्रिया अलग-अलग हो सकती है।पीयर-रिव्यू जर्नल ‘सर्कुलेशन’ में प्रकाशित AHA का यह वैज्ञानिक बयान कैफीन और दिल की बीमारी पर हालिया सबूतों की समीक्षा करता है।इसमें यह निष्कर्ष निकाला गया है कि रोज़ाना 400 मिलीग्राम तक कैफीन का सेवन – खासकर बिना चीनी या क्रीम वाली ब्लैक कैफीनयुक्त कॉफ़ी के ज़रिए – ज़्यादातर वयस्कों के लिए आम तौर पर सुरक्षित है और कुछ लोगों में दिल की बीमारी, हार्ट फेलियर और स्ट्रोक के कम जोखिम से जुड़ा हो सकता है।
यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया, सैन फ़्रांसिस्को में मेडिसिन के प्रोफ़ेसर और वैज्ञानिक बयान लिखने वाले समूह के अध्यक्ष ग्रेगरी एम मार्कस (MD, MAS, FAHA) ने कहा, “कॉफ़ी के ज़रिए कैफीन का सेवन लाखों लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा है। हमारी हालिया रिसर्च की समीक्षा के अनुसार, ज़्यादातर वयस्कों के लिए रोज़ाना 400 मिलीग्राम तक कैफीन का सेवन – जो बिना चीनी या अन्य चीज़ें मिलाए 5 कप तक कैफीनयुक्त कॉफ़ी के बराबर है – सुरक्षित है और इससे दिल की बीमारी का जोखिम नहीं बढ़ता है।”उन्होंने आगे कहा, “हालांकि, कैफीन की ज़्यादा मात्रा – जैसे कि एनर्जी ड्रिंक्स और एनर्जी शॉट्स में पाई जाती है – दिल पर हानिकारक असर डाल सकती है और इससे बचना चाहिए।”
बयान में कहा गया है कि ज़्यादातर रिसर्च स्टडीज़ में कॉफ़ी ही कैफीन का मुख्य स्रोत रही है, जिससे कॉफ़ी में मौजूद अन्य प्राकृतिक तत्वों से कैफीन के असर को अलग करना मुश्किल हो जाता है। शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि ऑब्ज़र्वेशनल स्टडीज़ (अवलोकन पर आधारित अध्ययन) से कारण और प्रभाव का पता नहीं लगाया जा सकता, जबकि कॉफ़ी में आमतौर पर मिलाई जाने वाली चीज़ें – जैसे चीनी, फ़्लेवर्ड सिरप, दूध और क्रीम – सेहत पर असर डाल सकती हैं।
समीक्षा के अनुसार, रोज़ाना दो से चार कप कैफीनयुक्त कॉफ़ी पीने का संबंध दिल की बीमारी, हार्ट फेलियर और स्ट्रोक के कम जोखिम से पाया गया है। हालांकि, रोज़ाना चार कप से ज़्यादा पीने से कुछ लोगों में हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ सकता है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बिना किसी अतिरिक्त चीज़ के ब्लैक कैफीन वाली कॉफी पीने से टाइप 2 डायबिटीज़, दिल की बीमारी, स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और दिल की धड़कन में कुछ अनियमितताओं का खतरा कम हो सकता है। साथ ही, रैंडमाइज़्ड क्लिनिकल ट्रायल्स में पाया गया कि कॉफी में मौजूद कैफीन से एट्रियल फाइब्रिलेशन का खतरा कम हो सकता है, लेकिन प्रीमैच्योर वेंट्रिकुलर कॉन्ट्रैक्शन (PVCs) की संभावना बढ़ सकती है।
रिसर्चर्स ने चेतावनी दी कि सभी कैफीन वाले प्रोडक्ट्स का असर एक जैसा नहीं होता। एनर्जी ड्रिंक्स और एनर्जी शॉट्स में अक्सर कैफीन की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है – 40-69 mg प्रति फ्लूइड औंस – जबकि रेगुलर ब्रू की हुई कॉफी में यह मात्रा 9.4-20.6 mg प्रति फ्लूइड औंस होती है। इन प्रोडक्ट्स का संबंध ब्लड प्रेशर बढ़ने और दिल की धड़कन असामान्य होने से जोड़ा गया है।
