बिज़नेस : भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 22 जुलाई को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा टूटकर 76,700 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि निफ्टी भी करीब 200 अंक फिसलकर 23,950 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, फार्मा और आईटी सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। कई बड़ी कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए और बाजार का माहौल पूरी तरह कमजोर दिखाई दिया।
हालांकि एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत देखने को मिले। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई मजबूत बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं, जबकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग गिरावट में है। दूसरी ओर, सोमवार को अमेरिकी बाजारों में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए थे, लेकिन उसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर दिखाई नहीं दिया।
विदेशी और घरेलू निवेशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले सात दिनों में विदेशी निवेशकों ने लगभग 4,660 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। वहीं ताजा कारोबारी सत्र में निवेशकों की सतर्कता साफ नजर आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों, मुनाफावसूली और कुछ सेक्टरों में लगातार बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है। निवेशकों को फिलहाल जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचने और बाजार की दिशा स्पष्ट होने का इंतजार करने की सलाह दी जा रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले 21 जुलाई को भी शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 238 अंक गिरकर 77,470 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 51 अंक टूटकर 24,188 के स्तर पर आ गया था। लगातार दूसरे दिन बाजार में आई इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है। अब सभी की नजर आने वाले कारोबारी सत्रों और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर बनी हुई है।
