अच्छी नींद है बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी, रोज़ 7 से 9 घंटे की नींद और कम स्क्रीन टाइम से रहें फिट

भागदौड़ भरी जिंदगी, बढ़ता काम का दबाव और देर रात तक मोबाइल व लैपटॉप का इस्तेमाल आज लोगों की नींद पर सबसे बड़ा असर डाल रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद केवल शरीर को आराम नहीं देती, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, वयस्कों को प्रतिदिन 7 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए, जबकि बच्चों और किशोरों के लिए उनकी उम्र के अनुसार अधिक नींद आवश्यक होती है। पर्याप्त नींद लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, याददाश्त बेहतर होती है, तनाव कम होता है और हृदय सहित कई अंग स्वस्थ रहते हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि देर रात तक मोबाइल, लैपटॉप या अन्य डिजिटल स्क्रीन का लगातार उपयोग करने से शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन का उत्पादन प्रभावित होता है। यही हार्मोन अच्छी और गहरी नींद के लिए जिम्मेदार माना जाता है। इसके कारण नींद आने में देरी, बार-बार नींद टूटना और सुबह थकान महसूस होने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोने से कम से कम एक घंटे पहले मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग बंद कर दें। इसके अलावा रोज़ एक ही समय पर सोने और जागने की आदत डालें, कैफीन युक्त पेय पदार्थों का रात में अधिक सेवन न करें और सोने का वातावरण शांत तथा आरामदायक रखें।

स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए अच्छी नींद उतनी ही जरूरी है, जितना संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम। यदि लंबे समय तक अनिद्रा, अत्यधिक खर्राटे या लगातार थकान जैसी समस्याएं बनी रहें, तो बिना देरी किए चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। अच्छी नींद न केवल बेहतर स्वास्थ्य का आधार है, बल्कि खुशहाल और ऊर्जावान जीवन की भी पहली शर्त मानी जाती है।

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