मनोरंजन: हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार खलनायकों में गिने जाने वाले अमजद खान ने अपने दमदार अभिनय से करोड़ों दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। ‘शोले’ के गब्बर सिंह के रूप में उनकी पहचान आज भी अमर है, लेकिन पर्दे पर जितने मजबूत दिखने वाले अमजद खान की असल जिंदगी उतनी ही मुश्किलों और संघर्षों से भरी रही। उनकी 34वीं पुण्यतिथि पर आइए जानते हैं उनकी जिंदगी के कुछ ऐसे किस्से, जो शायद बहुत कम लोग जानते हैं।
एक पुराने इंटरव्यू में अमजद खान ने बताया था कि एक समय वह रोज़ चार से पांच घंटे तक कसरत करते थे। बैडमिंटन खेलना, फ्री-हैंड एक्सरसाइज और वेट ट्रेनिंग उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। लेकिन एक भीषण सड़क हादसे ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी। इस दुर्घटना में उनके शरीर की कई हड्डियां टूट गईं और उन्हें करीब तीन महीने तक बिस्तर पर रहना पड़ा। डॉक्टरों ने उन्हें तीन साल तक किसी भी तरह की एक्सरसाइज करने से मना कर दिया। जब वह धीरे-धीरे ठीक हुए तो एक और हादसे में उनका पैर टूट गया। इसके बाद उन्हें पैरालिसिस का अटैक भी आया और लंबे समय तक उन्हें बिस्तर पर ही रहना पड़ा।
अमजद खान के जीवन में आर्थिक परेशानियां भी कम नहीं थीं। एक समय ऐसा भी आया जब पत्नी को डिलीवरी के बाद अस्पताल से घर लाने तक के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। उनकी करीब ₹1.27 करोड़ की मेहनताना राशि अटक गई थी, लेकिन कठिन हालात के बावजूद उनके परिवार ने अंडरवर्ल्ड से मदद लेने से साफ इनकार कर दिया। यह फैसला उनके आत्मसम्मान और सिद्धांतों की मिसाल बन गया।
अमजद खान के अभिनय का जुनून उन्हें विरासत में मिला था। उनके पिता जयंत, जिनका असली नाम जकारिया खान था, पहले राजस्थान के अलवर में पुलिस अधिकारी थे। फिल्मों में करियर बनाने के लिए उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी और निर्देशक विजय भट्ट ने उन्हें नया नाम ‘जयंत’ दिया। अपनी दमदार आवाज और शानदार व्यक्तित्व के दम पर उन्होंने हिंदी सिनेमा में अलग पहचान बनाई, जिसका असर अमजद खान के अभिनय में भी साफ दिखाई देता था।
आज भले ही अमजद खान हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी अदाकारी, संघर्ष और स्वाभिमान की कहानी आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
