लखनऊ: लखनऊ में स्वाइन फ्लू के दो नए मरीज सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया है। संक्रमण को लेकर प्रदेश के सभी 75 जिलों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच और इलाज की व्यवस्था पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। सरकार का फोकस संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोकने और संभावित मामलों की समय पर पहचान करने पर है।
डिप्टी सीएम ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए जाने वाले मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री भी चेक की जाए। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि मरीज हाल में किन शहरों या राज्यों में गया था और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग आए। स्वास्थ्य विभाग को ऐसे लोगों की भी निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
स्वाइन फ्लू को इन्फ्लुएंजा-ए एच1एन1 संक्रमण के रूप में जाना जाता है। इसमें बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को संक्रमण की स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
लखनऊ में नए मामलों के बाद अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क रहने को कहा गया है। अधिकारियों की ओर से लोगों से अपील की गई है कि फ्लू जैसे लक्षण होने पर लापरवाही न बरतें और डॉक्टर से सलाह लें। फिलहाल सरकार की निगरानी व्यवस्था का मकसद संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखना और जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाना है।
