फोन की किस्त के बदले खून निकलवाने वाले का पर्दाफाश, तीसरा आरोपी भी गिरफ्तार

LUCKNOW: डिजिटल दौर में जहां मोबाइल फोन हर इंसान की जरूरत बन चुका है, वहीं इसके फाइनेंस और ईएमआई (किस्त) से जुड़ा एक बेहद सनसनीखेज और खौफनाक मामला सामने आया है। फोन की किस्त समय पर न चुका पाने की सजा के तौर पर एक बेबस युवक के साथ जो दरिंदगी की गई, उसने इंसानियत को तार-तार कर दिया है। पुलिस ने इस अमानवीय वारदात में शामिल तीसरे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले से जुड़े दो आरोपी पहले ही सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं।

मामला तब भड़का जब पीड़ित युवक ने अपनी हैसियत से बाहर जाकर एक नया स्मार्टफोन किस्त पर खरीदा था। कुछ महीनों तक किस्तें ठीक से चलती रहीं, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वह एक किस्त देने में नाकाम रहा। आरोप है कि किस्त वसूलने आए दबंगों ने युवक को कोई मोहलत देने के बजाय उसका अपहरण कर लिया। आरोपी पीड़ित को एक गुप्त ठिकाने पर ले गए और वहां उसे चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उससे जबरन बेगार और कड़ी मजदूरी करवाई गई।

हैरान करने वाली बात तो तब सामने आई जब दरिंदों का मन इतने से भी नहीं भरा। उन्होंने किस्त के पैसों की भरपाई करने के नाम पर पीड़ित का जबरन खून तक निकलवा लिया। चार दिनों तक खौफनाक मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलने के बाद किसी तरह पीड़ित आरोपियों के चंगुल से भागने में सफल रहा और पुलिस के पास पहुंचा। पीड़ित की आपबीती सुनकर पुलिस प्रशासन भी दंग रह गया।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और छापेमारी कर दो आरोपियों को पहले ही धर दबोचा था। अब इस गिरोह के तीसरे और बेहद शातिर आरोपी को भी पुलिस ने घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस फिलहाल यह जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह पहले भी किस्त न चुकाने वाले अन्य लोगों के साथ इस तरह की वारदात को अंजाम दे चुका है। इस घटना ने मोबाइल फाइनेंसिंग और रिकवरी एजेंटों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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