साहिल केस में प्रोफेसर डूला के समर्थन में IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम

IIT बॉम्बे के छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे की मौत के मामले में जांच जारी है। इसी बीच IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम के प्रेसिडेंट प्रोफेसर डॉ. राजकुमार एस. पंत ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का समर्थन किया है।पंत के मुताबिक, परीक्षा के दौरान साहिल को कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए देखे जाने के बाद प्रोफेसर डूला ने संस्थान की तय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की थी।उन्होंने साफ किया कि जांच के दौरान डूला को केवल डीन, एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स की प्रशासनिक जिम्मेदारियों से हटाया गया है। वह अभी भी IIT बॉम्बे में टीचिंग फैकल्टी का हिस्सा हैं।

“प्रोफेसर डूला को IIT बॉम्बे के प्रोफेसर पद से सस्पेंड नहीं किया गया है। वे अभी भी संस्थान में टीचिंग फैकल्टी सदस्य हैं।”फैकल्टी फोरम के प्रेसिडेंट ने यह भी कहा कि साहिल ने कथित जातिगत भेदभाव को लेकर संस्थान के SC/ST सेल में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।पंत के मुताबिक, उन्होंने IIT बॉम्बे के डिप्टी डायरेक्टर प्रोफेसर रवींद्र गुडी से इस संबंध में बात की थी। उनके अनुसार, SC/ST सेल की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि पिछले कुछ महीनों में साहिल ने सेल से संपर्क नहीं किया था और कोई औपचारिक शिकायत भी दर्ज नहीं कराई गई थी।हालांकि, पंत ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास इस बात की प्रत्यक्ष जानकारी नहीं है कि प्रोफेसर डूला ने साहिल के खिलाफ कोई जाति-आधारित टिप्पणी की थी या नहीं। उन्होंने कहा कि इस आरोप की पुष्टि या खंडन वह नहीं कर सकते, क्योंकि मामले की जांच जारी है और FIR भी दर्ज है।पंत ने कहा कि संस्थान के नियमों के मुताबिक परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर कार्रवाई करना जरूरी है। उनका कहना है कि अगर कोई फैकल्टी सदस्य कथित तौर पर गलत तरीके का इस्तेमाल होते देखता है और कार्रवाई नहीं करता, तो यह उन छात्रों के साथ भी अन्याय होगा जो नियमों का पालन करते हैं।

साथ ही, पंत ने छात्रों पर पड़ने वाले अकादमिक और भावनात्मक दबाव को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि संस्थानों को छात्रों पर दबाव कम करने और उन्हें पढ़ाई के दौरान बेहतर सहयोग देने के तरीकों पर विचार करना चाहिए।उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक फैकल्टी फोरम प्रोफेसर डूला के साथ खड़ा है और किसी भी व्यक्ति को दोषी साबित होने तक निर्दोष माना जाना चाहिए।वहीं, मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच साहिल की मौत की जांच कर रही है। जांच के तहत परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

पुलिस के मुताबिक, 18 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजकर 30 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट के बीच परीक्षा हॉल में साहिल की गतिविधियां CCTV में रिकॉर्ड हुईं। पुलिस का कहना है कि परीक्षा खत्म होने से करीब 15 मिनट पहले साहिल कथित तौर पर अपनी जेब में रखी किसी चीज को देखने के लिए झुका, जिसके बाद एक प्रोफेसर ने उससे पूछताछ की और उसे अलग ले गए।पुलिस के अनुसार, साहिल करीब 1 बजकर 25 मिनट पर अपने हॉस्टल के कमरे में पहुंचा और बाद में उसी कमरे में मृत पाया गया।

घटना के बाद IIT बॉम्बे में छात्रों का विरोध प्रदर्शन भी हुआ। छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका विरोध अकादमिक कदाचार को सही ठहराने के लिए नहीं था, बल्कि संस्थान की प्रक्रियाओं और छात्रों की चिंताओं को लेकर था।21 सितंबर को IIT बॉम्बे ने जांच के बीच प्रोफेसर डूला को डीन, एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के पद से हटा दिया था। संस्थान की ओर से स्पष्ट किया गया कि उनकी फैकल्टी सदस्यता बरकरार है।दूसरी ओर, साहिल के परिवार ने जाति-आधारित उत्पीड़न का आरोप लगाया है और मामले की गहन जांच की मांग की है। परिवार की ओर से SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया है और CBI जांच की मांग भी की गई है।फिलहाल, मामले में पुलिस जांच जारी है और आरोपों की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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