नई दिल्ली: नई दिल्ली के भारत मंडपम में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के शताब्दी सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरलाने कहा कि बीते 100 वर्षों में UPSC ने देश के प्रशासनिक ढांचे को निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ मजबूती प्रदान की है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि UPSC ने भारतीय संविधान की सभी मर्यादाओं का पालन करते हुए एक अनुकरणीय परंपरा स्थापित की है। उन्होंने यह भी कहा कि 2047 के विकसित भारत के निर्माण में UPSC से चयनित होने वाले युवा अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
UPSC के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने बताया कि आयोग प्रशासनिक सेवाओं के बदलते आयामों को ध्यान में रखते हुए तकनीक आधारित प्रशिक्षण पर विशेष जोर दे रहा है।
गौरतलब है कि UPSC केंद्र और अखिल भारतीय सेवाओं के लिए विभिन्न मानकीकृत परीक्षाओं का आयोजन करता है, साथ ही पदोन्नति, स्थानांतरण और अनुशासनात्मक मामलों में सरकार को सलाह भी प्रदान करता है।
