कांग्रेस में बदलाव पर विराम, मनीष तिवारी की पोस्ट से बढ़ीं अटकलें एंकर इंट्रो

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश संगठन में बड़े बदलाव की अटकलों पर फिलहाल विराम लगा दिया है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व में कोई बड़ा फेरबदल नहीं होगा। लेकिन इस फैसले के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सांसद मनीष तिवारी की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

कांग्रेस आलाकमान ने 1 जुलाई को पंजाब संगठन में मौजूदा नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और प्रताप सिंह बाजवा को विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाए रखने का फैसला किया।इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी, पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंघला को चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति और सांसद अमर सिंह को घोषणापत्र समिति की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इधर, कांग्रेस के फैसले के अगले ही दिन यानी 2 जुलाई को सांसद मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी पोस्ट साझा की, जिसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गईं।तिवारी ने लिखा, “है बड़ा कोई अवगुण उसमें, जिसे कोई हुनर आवे।” इसके बाद उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा, “काश मेरे पास लोगों और संस्थाओं की असुरक्षाओं का भी कोई अचूक इलाज होता।”उन्होंने यह भी लिखा कि पिछले 45 वर्षों में उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से बहुत कुछ मिला है और उन्होंने भी अपना पूरा वयस्क जीवन पार्टी की सेवा के लिए समर्पित किया है।

पोस्ट के आखिर में उन्होंने मशहूर अंग्रेजी गीत की पंक्ति लिखी— “Que sera, sera… Whatever will be, will be.” यानी “जो होगा, सो होगा।”
हालांकि, मनीष तिवारी के कांग्रेस छोड़ने की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में जरूर चल रही हैं, लेकिन अब तक न तो तिवारी और न ही कांग्रेस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।

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