बेटी के जन्म पर निकला खुशियों का काफिला, गुब्बारों से सजी गाड़ियों के साथ घर पहुंची नन्ही परी

लखनऊ। बेटी के जन्म को लेकर समाज में बदलती सोच की एक खूबसूरत तस्वीर राजधानी लखनऊ के माल थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव में देखने को मिली। यहां बेटी के जन्म की खुशी में ऐसा जश्न मनाया गया कि गांव ही नहीं, आसपास के इलाके में भी यह स्वागत चर्चा का विषय बन गया। दुर्गेश त्रिपाठी अपनी नवजात बेटी को अस्पताल से घर लाने के लिए कई गाड़ियों के भव्य काफिले के साथ निकले। देखते ही देखते यह काफिला लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया।

नन्ही बिटिया के स्वागत के लिए काफिले में शामिल गाड़ियों को रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया था। गाड़ियों पर की गई आकर्षक सजावट और खुशी का माहौल ऐसा था मानो परिवार में कोई बड़ा उत्सव हो। अस्पताल से जैसे ही नवजात बेटी को लेकर परिवार घर के लिए रवाना हुआ, रास्ते में लोगों की नजरें इस अनोखे काफिले पर टिक गईं।

ढोल-नगाड़ों के बीच हुआ बिटिया का स्वागत

घर पहुंचते ही खुशी का माहौल और भी खास हो गया। परिजनों और रिश्तेदारों ने नवजात बिटिया का उत्साह और उमंग के साथ स्वागत किया। घर के बाहर ढोल-नगाड़े बजाए गए और आतिशबाजी कर खुशियां मनाई गईं।

इस दौरान परिवार के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। नन्ही बेटी के घर आने को परिवार ने सिर्फ एक पारिवारिक अवसर नहीं, बल्कि यादगार उत्सव में बदल दिया।

‘बेटी हमारे लिए खुशियों और सौभाग्य का प्रतीक’

दुर्गेश त्रिपाठी ने कहा कि बेटी परिवार के लिए खुशियों और सौभाग्य का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि बेटी के जन्म की खबर मिलते ही पूरे परिवार में उत्साह का माहौल था। परिवार पहले से ही उसके स्वागत को लेकर उत्साहित था, इसलिए तय किया गया कि नन्ही बिटिया का घर आगमन बेहद खास और यादगार तरीके से किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म को लेकर किसी तरह की हिचक या निराशा के बजाय परिवार ने इसे गर्व और खुशी के अवसर के रूप में मनाया। इसी सोच के साथ अस्पताल से घर तक बेटी का स्वागत एक भव्य काफिले के रूप में किया गया।

गांव में बनी चर्चा

गुब्बारों से सजी गाड़ियों का काफिला जब विशुनपुर गांव पहुंचा तो लोगों में उत्सुकता बढ़ गई। ढोल-नगाड़ों की आवाज और आतिशबाजी के बीच जब लोगों को पता चला कि यह पूरा आयोजन नवजात बेटी के स्वागत के लिए किया गया है, तो कई लोगों ने परिवार की पहल की सराहना की।

आज जब बेटियां शिक्षा, खेल, विज्ञान, प्रशासन, सेना और व्यवसाय सहित हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं, ऐसे में बेटी के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने की तस्वीर समाज में एक सकारात्मक संदेश भी देती है।

विशुनपुर में नन्ही बिटिया के स्वागत का यह अंदाज सिर्फ एक परिवार की खुशी नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक यादगार पल बन गया। गुब्बारों से सजी गाड़ियां, ढोल-नगाड़ों की गूंज और मिठाइयों की मिठास के बीच घर पहुंची नन्ही परी ने मानो परिवार के साथ पूरे गांव में खुशियों की नई शुरुआत कर दी।

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