उज्जैन: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में चल रहे सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्यों का कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने रविवार को नियमित निरीक्षण किया। उन्होंने कंठाल चौराहा से सतीगेट होते हुए छत्री चौक और ढाबारोड़ से श्री सत्यनारायण मंदिर तक चल रहे मार्ग चौड़ीकरण कार्यों का जायजा लिया। इसके अलावा देवास रोड स्थित गीता भवन के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया।
कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भगवान महाकाल की पहली सवारी से पहले रामघाट मार्ग और ढाबारोड़ का चौड़ीकरण कार्य पूरा कर मार्ग को पूरी तरह तैयार किया जाए।
कलेक्टर सिंह ने कंठाल चौराहा से पैदल भ्रमण करते हुए छत्री चौक, कमरी मार्ग चौराहा और ढाबारोड़ से श्री सत्यनारायण मंदिर तक चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कमरी मार्ग चौराहा के विस्तार और फिनिशिंग का काम भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दिन-रात टीम लगाकर कार्यों को गति दी जाए, ताकि 3 अगस्त को भगवान महाकाल की पहली सवारी से पहले संबंधित मार्ग पूरी तरह तैयार हो सके।
अंतिम राजसी सवारी से पहले कंठाल से गोपाल मंदिर तक मार्ग होगा तैयार
कलेक्टर ने सतीगेट मार्ग चौड़ीकरण कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सितंबर में भगवान महाकाल की अंतिम राजसी सवारी के नगर भ्रमण से पहले कंठाल से गोपाल मंदिर तक पूरे मार्ग को तैयार और सुगम किया जाए।
गीता भवन के शेष कार्य 29 जुलाई तक पूरे करने के निर्देश
इसके बाद कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने देवास रोड स्थित गीता भवन का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शेष सभी कार्य 29 जुलाई से पहले पूरा करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने गीता भवन के मुख्य प्रवेश द्वार पर पत्थर लगाने, मंच निर्माण, ऑडिटोरियम में कुर्सियां स्थापित करने और भवन के सभी फिनिशिंग कार्य समय सीमा में पूरा करने को कहा। मौके पर मौजूद इंजीनियरों ने उन्हें निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी।
5.1 हेक्टेयर क्षेत्र में बना है आधुनिक गीता भवन
लगभग 5.1 हेक्टेयर क्षेत्र में निर्मित गीता भवन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इसमें करीब 1,250 लोगों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, ग्रीन रूम, मल्टीपरपस हॉल, प्रशासनिक कक्ष और चार अतिरिक्त कक्ष बनाए गए हैं।
यह भवन धार्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक आयोजनों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को देखते हुए प्रशासन का जोर सभी प्रमुख निर्माण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर है।
