जसपाल राणा: भारतीय निशानेबाजी का स्वर्णिम सितारा हमेशा के लिए हुआ खामोश

Delhi: भारत के महान निशानेबाज और देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित करने वाले जसपाल राणा अब हमारे बीच नहीं रहे। शुक्रवार को 49 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। जर्मनी से भारत लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की पुष्टि National Rifle Association of India (NRAI) ने की।

जसपाल राणा भारतीय शूटिंग इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में 9 स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया, जबकि एशियन गेम्स में 4 स्वर्ण समेत कुल 8 पदक अपने नाम किए। कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स को मिलाकर उनके खाते में कुल 23 अंतरराष्ट्रीय पदक दर्ज हैं। मात्र 18 वर्ष की उम्र में उन्हें प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

उनकी सबसे प्रेरणादायक कहानी 1994 की वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप की है। घुटने में गंभीर फोड़ा होने और असहनीय दर्द के बावजूद उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और जूनियर वर्ग में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह उनकी अदम्य इच्छाशक्ति और देशभक्ति का प्रतीक था।

जसपाल राणा केवल एक खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि एक उत्कृष्ट कोच भी थे। उन्होंने मनु भाकर जैसी प्रतिभाओं को तराशने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन में भारतीय शूटिंग को नई ऊंचाइयां मिलीं।

उनके निधन पर अभिनव बिंद्रा सहित खेल जगत की कई हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। जसपाल राणा का जाना भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका संघर्ष, समर्पण और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेंगी।

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