अंसल कार्यालय में हड़कंप: बंद ऑफिस का ताला खोलने का आरोप, निदेशक ने सुभाष चंद्रा की भूमिका की जांच की मांग की

इनपुट सुंदरम केसरी 

लखनऊ: अंसल समूह से जुड़े विवाद ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। अंसल API इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के कार्यालय में 11 और 12 सितंबर को कथित जबरन प्रवेश और तोड़फोड़ के आरोप लगे हैं।

कंपनी के निदेशक प्रणव अंसल की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में सुभाष चंद्रा, सतीश चंद्र गुप्ता, तुषार श्रीवास्तव, इन्द्रेश नारायण त्रिपाठी और अन्य लोगों की भूमिका की विस्तृत जांच की मांग की गई है।

शिकायत के अनुसार, यह प्रयास कंपनी के वास्तविक नियंत्रण, कार्यालय और संपत्तियों पर कब्जा करने की नीयत से किया गया।

11 सितंबर को क्या हुआ?

शिकायत में आरोप है कि 11 सितंबर को दोपहर करीब 1 बजे तुषार श्रीवास्तव, टी.डी. सिंह, रंजीत सिंह बघेल, अजीत यादव सहित लगभग 100 अज्ञात लोगों ने कार्यालय में जबरन प्रवेश किया। मुख्य गेट और CCTV कैमरों को नुकसान पहुंचाने और कर्मचारियों को डराने-धमकाने का भी आरोप है।

12 सितंबर को फिर खुला ताला

अगले दिन 12 सितंबर को सतीश चंद्र गुप्ता और रंजीत सिंह बघेल 4-5 अन्य लोगों के साथ बंद कार्यालय पहुंचे और ताला खोलकर/तोड़कर अंदर घुसे। इसके बाद CCTV/DVR/NVR, कंप्यूटर सिस्टम और जरूरी कॉर्पोरेट दस्तावेजों से छेड़छाड़ की आशंका जताई गई है।

शिकायत में क्या मांग है?

पुलिस से मांग की गई है कि जांच सिर्फ मौके पर मौजूद लोगों तक सीमित न रहे, बल्कि इसके पीछे किसके निर्देश थे और इसका लाभ किसे मिलना था, इसकी भी जांच हो। इसी क्रम में सुभाष चंद्रा की भूमिका की जांच का भी अनुरोध किया गया है। साथ ही कंपनी के किसी भी कथित ट्रांसफर, नियुक्ति या कॉर्पोरेट रिकॉर्ड में बदलाव की वैधानिकता की जांच की मांग की गई है।

 

निदेशक की ओर से स्पष्ट किया गया है कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति को कंपनी के शेयर, स्वामित्व, प्रबंधन या संपत्ति पर कब्जे की कोई अनुमति नहीं दी है।

फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

 

नोट : यह खबर पुलिस को दी गई शिकायत के आधार पर है। सुभाष चंद्रा अथवा अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं और मामला जांच के अधीन है।

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