देश के अलग-अलग राज्यों में पैरामेडिकल, आयुष इंटर्न्स की हड़ताल

कैरियर: देश के अलग-अलग राज्यों में पैरामेडिकल और आयुष इंटर्न्स अपनी मांगों को लेकर हड़ताल और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इंटर्न्स का कहना है कि अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में वे मरीजों की देखभाल से लेकर कई जरूरी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन इसके बदले मिलने वाला मानदेय उनकी मेहनत के अनुरूप नहीं है। कई जगहों पर इंटर्न्स को समय पर स्टाइपेंड नहीं मिलने की शिकायत सामने आ रही है, जबकि कुछ राज्यों में लंबे समय से स्टाइपेंड की राशि में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।

प्रदर्शन कर रहे इंटर्न्स का आरोप है कि अलग-अलग राज्यों में उनकी स्थिति अलग जरूर है, लेकिन समस्याएं लगभग एक जैसी हैं। कहीं इंटर्न्स से बिना सैलरी के काम कराने की बात सामने आ रही है, तो कहीं वर्षों से पुराने स्टाइपेंड पर ही काम चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में मौजूदा स्टाइपेंड से रोजमर्रा के खर्च पूरे करना भी मुश्किल हो रहा है।

आयुष और पैरामेडिकल इंटर्न्स का कहना है कि इंटर्नशिप उनके प्रशिक्षण का अहम हिस्सा है, लेकिन इस दौरान वे स्वास्थ्य सेवाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उन्हें उचित और समय पर भुगतान मिलना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और संबंधित विभागों से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, लंबित भुगतान जारी करने और सभी राज्यों में समान एवं स्पष्ट व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

हड़ताल का असर कुछ जगहों पर स्वास्थ्य सेवाओं और संस्थानों की व्यवस्थाओं पर भी पड़ सकता है। अब नजर इस बात पर है कि संबंधित राज्य सरकारें और विभाग इन मांगों पर क्या फैसला लेते हैं और इंटर्न्स की हड़ताल को खत्म कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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