लखनऊ में पंचायत सहायकों का प्रदर्शन, विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

लखनऊ: लखनऊ में पंचायत सहायकों के प्रदर्शन के दौरान उस समय सियासी माहौल गरमा गया, जब विपक्षी नेताओं ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। पंचायत सहायक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से मानदेय तथा सेवा से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी पंचायत सहायकों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं।

संजय सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंचायत सहायकों से कम मानदेय पर काम कराया जा रहा है। उन्होंने भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि अगर ₹6000 में नौकरी करना इतना आसान है तो भाजपा के लोग अपने बच्चों को भी ₹6000 में नौकरी कराकर दिखाएं। उनके इस बयान के बाद प्रदर्शन स्थल पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं और ग्रामीण प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण कामों में उनकी भूमिका रहती है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला मानदेय उनकी जिम्मेदारियों के मुकाबले बेहद कम है। उनका आरोप है कि लंबे समय से उनकी मांगों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

विपक्षी नेताओं ने पंचायत सहायकों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से जल्द बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सरकार की नीतियों और मानदेय को लेकर नारेबाजी भी हुई। पंचायत सहायकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखने पर विचार किया जाएगा। अब देखना होगा कि सरकार इस प्रदर्शन और विपक्ष के बढ़ते दबाव के बीच पंचायत सहायकों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।

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