अप्रैल से अब तक 150 पाकिस्तानी दुल्हनें भारत पहुंचीं

देश: आपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान सीमा पर वीजा प्रतिबंध और वाघा-अटारी रूट बंद होने के बावजूद, अप्रैल से अब तक करीब 150 पाकिस्तानी सिंधी दुल्हनें भारत पहुंच चुकी हैं। ये लड़कियां भारतीय युवकों से सगाई कर चुकी थीं और शादी के लिए इंतजार कर रही थीं।

नागपुर के सिंधी समुदाय के नेता राजेश झंबिया के अनुसार, पहले ये परिवार वाघा-अटारी बॉर्डर से आसानी से आ जाते थे। लेकिन 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ। उसके बाद सिंधी विजिटर्स के लिए वीजा और लैंड रूट बंद कर दिए गए। इससे लगभग 150 शादियां अटक गईं।

शादानी दरबार ने इन महिलाओं की लिस्ट तैयार कर गृह मंत्रालय को भेजी। मंत्रालय ने ह्यूमैनिटेरियन आधार पर वीजा जारी किए, लेकिन शर्त रखी कि वे हवाई मार्ग से ही आएंगे। नतीजतन, दुल्हनें और उनके परिजन दुबई, ओमान, श्रीलंका, बांग्लादेश, मस्कट और अन्य ट्रांजिट रूट्स से भारत पहुंचे।

ये शादियां नागपुर, रायपुर, जोधपुर, पुणे, अहमदाबाद और भोपाल समेत कई शहरों में हुईं। अकेले नागपुर में 15 मामले हैं। अप्रैल से जून के बीच करीब 450 परिजन भी आए।

झंबिया कहते हैं, “लंबा इंतजार खत्म हो गया।” लेकिन अभी करीब 300 और पाकिस्तानी दुल्हनें वीजा का इंतजार कर रही हैं। सीमा बंद होने के बावजूद प्यार और रिश्ते की ये कहानियां जारी हैं।

Related posts