मलिहाबाद क्षेत्र के ग्राम अटारी (माल), लखनऊ में मेटा एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड एवं अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के संयुक्त तत्वावधान में “कवच आम सभा” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रगतिशील आम बागवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH), रहमानखेड़ा, लखनऊ के निदेशक डॉ. टी. दामोदरन उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. मनीष मिश्रा, डॉ. डी.के. वर्मा (उपनिदेशक, उद्यान विभाग) एवं उद्यान निरीक्षक दिलीप कुमार शामिल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रगतिशील बागवान कुँवर बलबीर सिंह ने की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण *“कवच मैंगो फ्रूट प्रोटेक्शन बैग”* रहा, जिसे मेटा एग्रीटेक द्वारा विकसित किया गया है। कंपनी के संस्थापक श्री मयंक सिंह एवं श्री सुजीत सिंह ने किसानों को इस तकनीक के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह बैग आम को कीटों, धूल, धूप एवं रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे फलों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है और किसानों को बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त होता है।

सुजीत सिंह ने जानकारी दी कि “कवच बैग” उच्च गुणवत्ता के साथ स्थानीय स्तर पर मलिहाबाद में ही निर्मित किए जा रहे हैं और इन्हें किसान दो वर्षों तक उपयोग कर सकते हैं। साथ ही, कंपनी द्वारा “स्वीट सैफरन” ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बैगिंग किए गए आमों की सीधी खरीद कर किसानों को प्रीमियम बाजार से जोड़ा जा रहा है। मयंक सिंह ने किसानों को बैगिंग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “जैसा बैग होगा, वैसा आम होगा”, इसलिए गुणवत्ता युक्त बैग का चयन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आधुनिक कीट प्रबंधन, जैविक कीटनाशकों के उपयोग तथा अत्याधुनिक स्प्रेयर तकनीक की भी जानकारी दी, जिससे कम लागत में प्रभावी कीट नियंत्रण संभव हो सके।
अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के महासचिव उपेन्द्र कुमार सिंह ने किसानों को बैगिंग तकनीक, हार्वेस्टर किट, ट्रैप उपयोग एवं बाग प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समिति, उद्यान विभाग एवं मेटा एग्रीटेक के सहयोग से किसानों को बैगिंग एवं छंटाई पर सब्सिडी दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्य अतिथि डॉ. टी. दामोदरन ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आम को केवल फसल न मानकर “उद्योग” के रूप में विकसित करना चाहिए। उन्होंने पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट, प्रीमियम मार्केट से जुड़ाव एवं आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। साथ ही, कीट प्रबंधन में लाभकारी कीटों के संरक्षण एवं डाईबैक (उकठा) रोग से बचाव के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि मेटा एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH) द्वारा इनक्यूबेटेड एक स्टार्टअप है, जो संस्थान के सहयोग से आम बागवानी में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दे रही है। कंपनी फल सुरक्षा (फ्रूट बैगिंग), ऑर्चर्ड मैनेजमेंट, बागों की वैज्ञानिक छंटाई, तुड़ाई उपरांत प्रबंधन (पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट) तथा किसानों को प्रीमियम बाजार से जोड़कर उन्हें बेहतर मूल्य दिलाने का कार्य कर रही है।
