उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बड़ी बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामले में कानपुर और प्रतापगढ़ में कुल चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि सोशल मीडिया पर अदिति यादव के संबंध में आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट साझा कर उनकी तथा उनके परिवार की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।
कानपुर में अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव की शिकायत पर भरत पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं प्रतापगढ़ में एक अन्य सोशल मीडिया आईडी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आईटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि “अदिति मेरी भी बेटी है और उनके खिलाफ की गई टिप्पणी शर्मनाक है।” हालांकि उन्होंने सपा नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को अपने कार्यकर्ताओं के आचरण पर भी नजर डालनी चाहिए।
वहीं भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी राजनीति से ऊपर का विषय है और समाज को ऐसे कृत्यों की निंदा करनी चाहिए। दूसरी ओर सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए।
यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर बढ़ती अभद्र भाषा, फर्जी सामग्री और व्यक्तिगत हमलों को लेकर बहस का विषय बन गया है। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक जीवन में महिलाओं और परिवारों की गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर सभी दलों के नेताओं ने जोर दिया है।
