उत्तर प्रदेश: वाराणसी के ऐतिहासिक दालमंडी क्षेत्र में बुधवार सुबह से सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हुई। सुबह करीब 7:30 बजे से पांच मस्जिदों के चिन्हित हिस्सों को हटाने का काम जारी है। ध्वस्तीकरण के लिए लगभग 200 मजदूर लगाए गए हैं, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र 1860 पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान तैनात किए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना की जद में कुल छह मस्जिदें आई थीं। इनमें से पांच मस्जिदों के प्रबंधन ने पहले ही निर्धारित हिस्सों को हटाने के लिए सहमति दे दी थी, जबकि एक मस्जिद को लेकर सहमति नहीं बन सकी। मुहर्रम समाप्त होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है।
सबसे पहले मस्जिद मिर्जा करीमुल्लाह बेग के चौड़ीकरण की जद में आने वाले हिस्से को हटाया गया। इसके बाद रंगीले शाह मस्जिद, अली रजा मस्जिद, निसारन की मस्जिद और संगमरमर मस्जिद के चिन्हित हिस्सों पर कार्रवाई जारी है। रंगीले शाह मस्जिद को औरंगजेब के शासनकाल का बताया जाता है और इसे क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों में गिना जाता है।
परियोजना के तहत कुल 181 मकान भी प्रभावित हैं। प्रशासन अब तक 162 मकानों पर कार्रवाई कर चुका है, जिनमें 80 मकान पूरी तरह हटाए जा चुके हैं। पूरे इलाके को टीन शेड लगाकर सील कर दिया गया है और आम लोगों की आवाजाही पर रोक है। मीडिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। वहीं, स्थानीय लोगों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि परियोजना का शेष कार्य किस तरह आगे बढ़ता है और प्रभावित धार्मिक एवं आवासीय संरचनाओं का समाधान कैसे किया जाता है।
